पारा नित नए कदम आगे बढ़ा रहा है। इसी के साथ लोगों की परेशानी बढ़ गई है। भीषण गर्मी ने सबको बेहाल कर दिया है। हाल यह है कि, अस्पतालों में उल्टी, दस्त और बुखार के मरीज बढ़ गए हैं। डायरिया पीड़ितों से वार्ड भरने लगे हैं।
शहर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मंगलवार को ओपीडी में 650 से 700 रोगियों को देखा गया। इनमें करीब साठ फीसदी डायरिया रोग से ग्रस्त थे। शेष खांसी, बुखार, नजला आदि से परेशान थे। सीरियस हालत में रोजाना 20 से 30 मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। इधर, जिला संयुक्त अस्पताल में भी मरीजों की संख्या में इजाफा होने लगा है। वार्डों में उल्टी दस्त के मरीजों को भर्ती किया जाने लगा है। प्राइवेट अस्पताल भी उल्टी दस्त और बुखार पीड़ितों से अटने लगे हैं।
शहर की गंदगी बढ़ा रही समस्या ः चिकित्सक भीषण गर्मी में खान-पान को इसके लिए दोषी मान रहे हैं लेकिन शहर की नियमित साफ सफाई न होना भी इसकी एक वजह बना हुआ है। शहर की सड़क व गली में बदबूदार कचरे के ढेर इस समस्या को और अधिक बढ़ा रहे हैं। साफ सफाई और कीटनाशक के छिड़काव के अभाव में भीषण गर्मी में रोग के प्रसार के लिए जिम्मेदार कीटाणु तेजी से फैलते हैं।
उधर, गजराौला में फरीदपुर फीडर को पिछले एक माह से तीन दिन के अंतराल में मात्र दो घंटे ही आपूर्ति मिल पा रही है। इससे किसान फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। फसलों को सूखते देख मंगलवार को किसानों का धैर्य जवाब दे गया और 132 बिजलीघर पहुंच अफसरों का घेराव किया। टालमटोल करने पर एसडीओ ट्रांसमिशन और एसडीओ डिस्ट्रीब्यूशन को खरी-खोटी सुनाईं। पांच घंटे तक किसानों ने हंगामा करने के बाद अधिकारियों से दो टूक कहा कि बिजली दो या फिर बिजलीघर बंद करो।