होली पर दूसरे संप्रदाय के लोगों पर रंग डालने को लेकर बवाल हो गया। दूसरे संप्रदाय के लोगों पर रंग डालने के आरोप में हिरासत में लिए गए पांच लोगों को छुड़ाने की मांग करते हुए भाजपा नेताओं के साथ कोतवाली पहुंची भीड़ ने हंगामा करना शुरू किया, पुलिस ने भीड़ काबू करने के लिए लाठियां फटकारी शुरू कर दीं।
कई लोग चोटिल हो गए। आक्रोशित भीड़ ने नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना पर मौके पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक ने मोर्चा संभाला और बमुश्किल भीड़ को शांत किया। हसनपुर में स्थित मोहल्ला लालबाग में एक विशेष समुदाय के लोग ज्यादा रहते हैं।
होली के दिन यानी सोमवार को सुबह 11 बजे पुलिस को सूचना मिली की मोहल्ला लालबाग में होली खेलते हुए कुछ लोग पहुंच गए और वहां दूसरे संप्रदाय के लोगों पर रंग डालने को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही कोतवाली निरीक्षक अनिल समानिया मौके पर पहुंचे, लेकिन वहां से रंग डालने के आरोपी लोग निकल चुके थे।
पुलिस के मुताबिक नगर पालिकाध्यक्ष राकेश बंसल उर्फ कालू के बड़े भाई समेत पांच लोगों को पुराना डाकखाना के पास से हिरासत में लेकर कोतवाली में बैठा लिया। हिरासत में लिए गए लोगों को छुड़ाने के लिए भाजपा नेताओं संग भीड़ कोतवाली पहुंच गई। भीड़ अधिक होने पर हंगामा शुरू हो गया।
इस दौरान पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को लाठियां फटकार कर कोतवाली के बाहर तक खदेड़ दिया। इस दौरान शिवा, अंकुर व मोनू समेत कई लोग चोटिल हो गए। मामला बढ़ता देख पुलिस के हाथपैर फूल गए। सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह मौके पर पहुंच गए।
हालात काबू करने के लिए पैरामिलिट्री फोर्स के साथ कई थानों की पुलिस को बुलाया गया। मामले की जानकारी मिलते ही नवनिर्वाचित विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी कोतवाली पहुंच गए और एएसपी से वार्ता के बाद हिरासत में लिए गए लोगों को बिना कार्रवाई के ही छुड़ाकर ले गए। लाठीचार्ज के विरोध में भीड़ काफी देर बाद तक भी कोतवाली के बाहर नारेबाजी करती रही।