नगर कोतवाली पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर समेत दो आरोपियों को 295 लीटर अपमिश्रित शराब के साथ गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से फर्जी नंबर प्लेट लगी एक स्कॉर्पियो भी बरामद हुई। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ 16 मुकदमे दर्ज पाए गए हैं।
बुधवार रात दरोगा पुष्पेंद्र राठी टीम के साथ चेकिंग कर रहे थे। तभी, सूचना पर दाऊद सराय की ओर से चुना भट्टी रोड पर कब्रिस्तान के पास स्कॉर्पियो खड़ी होने की जानकारी मिली, जिसमें पांच लोग अपमिश्रित शराब बनाकर बोतल में भर रहे थे। पुलिस ने आबकारी निरीक्षक राजेश कुमार के साथ टीम बनाकर छापा मारा। पुलिस को देखकर अपमिश्रित शराब तैयार कर रहे आरोपी भागने लगे, लेकिन पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जबकि, तीन भाग गए।
पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम जितेंद्र सैनी निवासी सलावाली लकड़ा और मनोज कुमार निवासी मोहल्ला लालबाग लकड़ा बताया। आरोपियों के कब्जे से 295 लीटर अपमिश्रित शराब बरामद हुई। सीओ सिटी अरुण कुमार ने बताया कि जितेंद्र सैनी हिस्ट्रीशीटर बदमाश है। उसके खिलाफ डिडौली, रजबपुर और अमरोहा थाने में 11 मुकदमे दर्ज हैं। जबकि, आरोपी मनोज के खिलाफ गजरौला और अमरोहा नगर थाने में पांच मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई भी हो चुकी है। सीओ के मुताबिक मामले में आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज न्यायालय में पेश किया गया। जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया है।
काशीपुर से आने वाले ट्रैक्टरों से लेते हैं तरल पदार्थ
सीओ सिटी अरुण कुमार ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया है कि वह मुनाफा कमाने के लिए काशीपुर उत्तराखंड से आने वाले ट्रैक्टरों के ड्राइवरों से तरल पदार्थ लेते हैं। यह ट्रैक्टर हाईवे किनारे कहीं भी मिल जाते हैं। इस तरल पदार्थ से नकली शराब तैयार करते हैं। उस तरल पदार्थ में अल्कोहल की मात्रा कितनी होती है, इसकी जानकारी आरोपियों को नहीं है।
पुलिस से बचने के लिए लगा लेते हैं दूसरी नंबर प्लेट
सीओ ने बताया कि आरोपी पुलिस से बचने के लिए कार के आगे-पीछे अलग-अलग नंबर प्लेट लगा लेते हैं। पूछताछ के दौरान आरोपी कार के कागज नहीं दिखा सके। इसलिए उसे सीज कर दिया गया है। कार अमरोहा देहात थानाक्षेत्र के बदावाना खालसा के रहने वाले सोनू के नाम पर रजिस्टर्ड है।
मौके से भागने वाले हिस्ट्रीशीटर के सगे भाई
पुलिस के मुताबिक मौके से भागने वाले तीनों आरोपी हिस्ट्रीशीटर जितेंद्र सैनी के सगे भाई प्रेमसिंह सैनी, चंद्र सिंह सैनी और सोमपाल सिंह हैं। तीनों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।