फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Amroha News: मुस्लिम कमेटी विवाद पर हाईकोर्ट सख्त

Tue, 05 May 2026 11:56 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
विज्ञापन
विज्ञापन
अमरोहा। मुस्लिम कमेटी की नुमाइंदगी को लेकर चल रहे विवाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने मामले में एसडीएम धनौरा शैलेश कुमार दुबे को तलब करते हुए उनके आचरण पर जवाब मांगा है। साथ ही व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन

मामला मुस्लिम कमेटी के अध्यक्ष पद को लेकर दो गुटों इकबाल खान और हाजी खुर्शीद अनवर के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद से जुड़ा है। एक पक्ष का दावा है कि उन्हें सहायक निबंधक कार्यालय से मान्यता प्राप्त है, जबकि दूसरा पक्ष इस मान्यता को चुनौती देता रहा है। विवाद उस समय और गहरा गया जब जुलूस-ए-मोहम्मदी के आयोजन को लेकर प्रशासन से अनुमति मांगी गई।
बताया गया कि पूर्व में एसडीएम स्तर पर 21 अप्रैल 2025 को निर्णय दिया जा चुका था, लेकिन इसके बावजूद 7 अप्रैल 2026 को दोबारा आदेश पारित कर प्रकरण में हस्तक्षेप किया गया। कोर्ट ने इसे अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर की गई कार्रवाई मानते हुए गंभीर आपत्ति जताई है।
विज्ञापन

अधिवक्ताओं ने दलील दी कि एक बार आदेश पारित होने के बाद उसी स्तर पर पुनः निर्णय देना विधिक प्रक्रिया का उल्लंघन है। लिहाजा, हाईकोर्ट ने मामले में चार मई को एसडीएम सदर को तलब किया था। लेकिन, इससे पहले आदेश करने वाले एसडीएम शैलेश कुमार दुबे का तबादला मंडी धनौरा तहसील के लिए हो गया।
मंगलवार को सुनवाई के दौरान सदर एसडीएम विभा श्रीवास्तव कोर्ट में उपस्थित हुईं। उन्होंने अपने हलफनामे में स्पष्ट किया कि उन्होंने 11 अप्रैल को पदभार ग्रहण किया है और 7 अप्रैल का आदेश उनके पूर्ववर्ती अधिकारी द्वारा पारित किया गया था, जिसे निरस्त या संशोधित करने का अधिकार उनके पास नहीं है। उन्होंने कोर्ट की अनुमति मिलने पर अभिलेखों का परीक्षण कर उचित निर्णय देने की बात कही। इस पर कोर्ट ने उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट देते हुए संबंधित आदेश पारित करने वाले तत्कालीन एसडीएम व वर्तमान में एसडीएम धनौरा को अगली तिथि पर उपस्थित होने का निर्देश दिया।
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 14 मई तय की है। साथ ही चेतावनी दी है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें