अमरोहा। हसनपुर नगर पालिका अध्यक्ष नीलम शादाब खान के जाति प्रमाण पत्र के मामले की सुनवाई पूरी हो गई है। शनिवार को दोनों पक्षों ने सबूत पेश किया। वादी और प्रतिवादी खेमे ने खुद के अलावा वकीलों के माध्यम से दलीलें रखीं। अध्यक्ष खेमा ने सैकड़ों पेज के रिकार्ड को पेश किया। अब हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में जिलास्तरीय समिति कानूनी पहलू के आधार पर निर्णय लेगी। इस फैसले पर निगाहें टिकी हैं।
कलक्ट्रेट सभागार में शनिवार को जिलास्तरीय समिति ने मामले की सुनवाई की। हसनपुर की नगर पालिका की अध्यक्ष नीलम शादाब खान ने पिछड़ी जाति के आधार पर चुनाव लड़ीं। उन्हें जीत हासिल हो गई। उनकी जाति प्रमाण पत्र पर दूसरे लोगों ने आपत्ति जताई। इस बीच मामला हाईकोर्ट में पहुंचा। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के निर्देश दिया। संभल तहसीलदार ने अध्यक्ष नीलम शादाब खान के जाति प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया है। शनिवार को जिलास्तरीय समिति ने सुनवाई की। अध्यक्ष नीलम शादाब और उनके अधिवक्ता ने पिछड़ी जाति के साक्ष्य के तौर पर सैकड़ों पेज के रिकार्ड प्रस्तुत किए। अब इसके कानूनी पहलू पर विचार किया जाएगा। दरअसल अध्यक्ष नीलम ने बताया था कि शेख डप्पाली पिछड़ी जाति में है। ऐसे में पिछड़ी जाति में अधिसूचित गजट प्रस्तुत करने को कहा गया था। इस दौरान एडीएम वित्त और राजस्व विनय कुमार सिंह, एसडीएम विजय शंकर, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी शक्ति सरन श्रीवास्तव आदि रहे।