अमरोहा। सीएए-एनआरसी के विरोध में शहर में हुई हिंसा से जुड़े मामले की मंगलवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले की सुनवाई 13 अप्रैल को होगी।पुलिस ने इस मामले में छह अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज किए थे, जिसमें आरोपियों पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, लूट और जानलेवा हमला करने का आरोप शामिल है। प्रकरण में कुल 76 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी।
यह हिंसा 20 दिसंबर 2019 को हुई थी। इस दौरान सीएए-एनआरसी के विरोध में गुस्साई भीड़ ने सरकारी और निजी संपत्तियों में तोड़फोड़ की और आग लगाई। तीन दिन तक शहर हिंसा की चिंगारी में सुलगता रहा। इस मामले में पुलिस ने 55 नामजद और 1500 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। बाद में वीडियो और फोटो के आधार पर कई आरोपियों की पहचान कर उन्हें जेल भेजा गया। फिलहाल, शहर में हुई हिंसा के मामले में सुनवाई एडीजे प्रथम की कोर्ट में जारी है। शासकीय अधिवक्ता अमित कुमार वशिष्ठ ने बताया कि मंगलवार को न्यायिक अधिकारी के छुट्टी पर रहने के चलते सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले में अगली सुनवाई 13 अप्रैल को होगी।