सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुनियादी सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। यहां लैब टेक्नीशियन व एक्स-रे टेक्नीशियन की कमी है।
एक बड़ी समस्या यह भी कि यहां सिजेरियन ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध नहीं है। केवल नॉर्मल डिलीवरी होती है। जब सिजेरियन ऑपरेशन की आवश्यकता होती है तो मरीज को बड़े अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है। स्वास्थ्य सेवाओं संबंधी इन दिक्कतों के कारण मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सीएचसी में पिछले काफी समय से लैब टेक्नीशियन नहीं है। इससे खून की जांच समेत विभिन्न प्रकार की जांचें नहीं हो पा रहीं हैं। यहां एक्स-रे टेक्नीशियन की ड्यूटी सप्ताह में मात्र तीन दिन ही रहती है, जिसमें सोमवार, बुधवार, शुक्रवार को एक्स-रे टेक्नीशियन ढबारसी सीएचसी में रहते हैं, जबकि मंगलवार, बृहस्पतिवार व शनिवार को वह रहरा सीएचसी में सेवा देते हैं। इससे दूर-दराज से आने वाले मरीज परेशान होते हैं। कई बार मरीजों को एक्स-रे करवाने के लिए अगले दिन का इंतजार करना पड़ता है या फिर निजी लैब में महंगे टेस्ट कराने पड़ते हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला एवं बाल रोग विशेषज्ञ की अनुपलब्धता भी एक बड़ी समस्या है। ढबारसी व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं और बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए अक्सर झोलाछाप डॉक्टरों या फिर अमरोहा, गजरौला जैसे बड़े शहरों के अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं होने से गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच और सुरक्षित प्रसव में भी दिक्कतें आ रहीं हैं, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर बढ़ने का खतरा है।
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सीएचसी में लैब टेक्नीशियन नहीं है। एक्स-रे टेक्नीशियन की ड्यूटी सप्ताह में मात्र तीन दिन रहती है। सिजेरियन ऑपरेशन की सुविधा भी नहीं है। लैब टेक्नीशियन की समस्या के संबंध में विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया है। जल्द ही समस्या का समाधान कराया जाएगा। -डा.सतीशचंद्र भास्कर, प्रभारी सीएचसी ढबारसी।