गांव ओगारपुर में कर्ज में दबे किसान द्वारा आत्महत्या करने पर विलाप करता मृतक का बेटा।
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कर्ज न चुका पाने से परेशान किसान ने बृहस्पतिवार रात किसी समय खेत में आम के पेड़ से फंदा लगाकर जान दे दी। सुबह परिजनों को इसका पता चला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। तहसील क्षेत्र में कर्ज में दबे किसान की मौत का यह तीसरा मामला है। जिससे प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
हसनपुर सर्किल क्षेत्र के आदमपुर थाना क्षेत्र के गांव ओगारपुर निवासी कुलदीप गुर्जर पुत्र सुरेंद्र गुर्जर खेती करता था। परिवार में एक जवान बेटी और एक बेटा है। उसकी पत्नी की करीब सोलह वर्ष पहले ही मौत हो गई थी। सुरेंद्र के बड़े भाई संदीप गुर्जर की पत्नी सुनीता गुर्जर भूमि विकास बैंक की डायरेक्टर हैं।
बताया जा रहा है कि कुलदीप पर सहकारी समिति ढबारसी का एक लाख 6 हजार और प्रथमा बैंक ढबारसी का करीब 7 लाख 50 हजार रुपये और अन्य लोगों का 50 हजार रुपये समेत नौ लाख का कर्ज था। दो वर्षों से पड़ रही मौसम की मार ने उसकी हिम्मत तोड़ दी।
इस साल भी फसल बर्बाद होने से कर्ज चुकाने की सूरत नजर नहीं आ रही थी। इससे वह बैंक और समिति का कर्ज नहीं चुका सका। इसको लेकर वह दबाव में था। बताया जाता है कि, कुलदीप बृहस्पतिवार की रात घर के बाहर सोया था। बाद में पास में सो रहे बेटे राजा को छत पर सोने के लिए भेज दिया।
शुक्रवार सुबह करीब चार बजे राजा ने घर के आंगन में देखा तो कुलदीप नहीं था। चारपाई से भी रस्सी का कुछ हिस्सा गायब था। शक होने पर राजा ग्रामीणों के साथ तलाश करते हुए खेत पर पहुंचा तो कुलदीप का शरीर आम के पेड़ पर झूल रहा था। सूचना पर पहुंची आदमपुर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।