गजरौला(अमरोहा)। कोरोना संक्रमण ने लोगों को इस कदर मजबूर कर दिया है कि वह अपने संक्रमित परिजनों के शव को हाथ तक लगाने से परहेज कर हैं। कुछ ऐसा ही दृश्य रविवार को तिगरी गंगा घाट पर दिखा। जहां कोरोना संक्रमित के शव के साथ आए परिजन अंत्येष्टि के लिए आगे नहीं बढ़े। काफी देर इंतजार के बाद घाट पर अंत्येष्टि करने वालों को ज्यादा मेहनताना देकर अंतिम संस्कार की क्रिया पूरी कराई। लगभग पौन घंटे तक तक शव वहीं घाट पर ही रखा रहा।
रविवार को भी गंगाधाम तिगरी में कोरोना संक्रमण से मरे लोगों के मृत शरीर को अंतिम संस्कार के लिए लाया गया। बताते हैं कि दोपहर के समय निजी एंबुलेंस से उतारकर एक बुजुर्ग के शव को घाट के किनारे रखा गया। बताया गया कि उनकी मौत कोरोना संक्रमण से हुई थी। एंबुलेंस के साथ कार में आए पांच परिजन शव को उतरवाकर एक साइड में खड़े हो गए। बताते हैं कि वे मृतक के संक्रमित होने के कारण उनके शव को छूने से डर रहे थे। काफी देर बाद वहां आए दो युवकों को अति रिक्त मेहनताना देकर उन्होंने उनका अंतिम संस्कार करवाया। वहीं घाट पर कोरोना संक्रमितों की अंत्येष्टि का स्थानीय दुकानदार विरोध भी करते हैं और उनकी इसे लेकर शव के साथ आए लोगों से नोकझोंक भी हो जाती है। शनिवार की रात को तो स्नान घाट के पास काफी हंगामा भी हुआ था। उधर, ब्रजघाट में गंगा नदी के पुल के नीचे गजरौला थाना क्षेत्र के गांव खड़कपुर स्थित गंगाघाट पर कोरोना संक्रमण से मृत लोगों की अस्थियां विसर्जित की जा रही हैं। इससे वहां के लोगों में दहशत बनी हुई है।