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ग्रेटर नोएडा हत्याकांड: 27 नवंबर से कौन कर रहा था यश को फोन, उसने बहन से क्यों छिपाई ये बात? पुलिस-परिजन उलझे

Thu, 29 Feb 2024 01:43 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा

सार

गौतमबुद्ध नगर स्थित बैनेट यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले बीबीए के छात्र यश मित्तल (22) की छह करोड़ रुपये की फिरौती के लिए दोस्तों ने हत्या कर दी। आरोपियों ने छात्र के कारोबारी पिता को मोबाइल पर संदेश भेजकर फिरौती की रकम मांगी थी।
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BBA student Yash Mittal Murder - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ग्रेटर नोएडा के दादरी इलाके की बैनेट यूनिवर्सिटी के बीबीए प्रथम वर्ष के छात्र यश मित्तल की हत्या का मास्टरमाइंड कोई और है। आरोपी 27 नवंबर से उसके संपर्क में था। उसको लगातार फोन करता था। बहन को हर बात बताने वाले यश मित्तल ने उसके बारे में क्यों छिपाया। पुलिस और परिजन इस पर उलझ गए हैं।
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टीचर कॉलोनी निवासी इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारी प्रदीप मित्तल के बेटे यश मित्तल का शव बुधवार की शाम गजरौला में तेवा फैक्टरी के सामने दो सौ मीटर दूर दक्षिण की दिशा में खेतों के बीच और चकरोड़ किनारे खदान हुए पड़े खेत में मिला। खेत आसपास के खेतों से काफी गहरा है। जिसमें एक किनारे पर गड्ढा खोद कर शव को दबाया गया था। 

शव बरामद होने की जानकारी मिलते ही पिता प्रदीप मित्तल, फूफा अरविंद अग्रवाल और आसपास के लोग पहुंच गए। फूफा अरविंद अग्रवाल ने बताया कि यश अपनी बड़ी बहन इशिका मित्तल से कुछ भी नहीं छिपाता था। इस घटनाक्रम का मुख्य आरोपी 27 नवंबर से यश के संपर्क में था। उसको लगातार फोन करता था। मगर यह बात यश मित्तल ने परिजनों को कभी नहीं बताई।
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हॉस्टल से निकलने के एक घंटे बाद बंद हो गया था फोन
पुलिस का दावा है कि 26 फरवरी की शाम को हॉस्टल से निकलने के करीब एक घंटे बाद यश का फोन बंद हो गया था। पुलिस सूत्रों की माने तो आरोपियों ने ही यश को फोन करके हॉस्टल से बाहर बुलाया था। इसके बाद सभी लोगों ने पार्टी की थी। पार्टी में हुए झगड़े में आरोपियों ने यश की लात घूसों से पिटाई कर दी थी। आशंका है कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने गला दबाकर हत्या कर दी। जिसके बाद शव को गजरौला क्षेत्र में लाकर गड्ढे में दबा दिया था।

सौ किमी दूर शव फेंकने पर उठे सवाल
दादरी पुलिस के मुताबिक आरोपी यश मित्तल के दोस्त हैं। किसी भी आरोपियों में कोई भी प्रोफेशनल किलर नहीं है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि गौतम बुद्ध नगर क्षेत्र में हत्या के बाद आरोपी करीब सौ किलोमीटर दूर उसके शव को लेकर गजरौला क्यों पहुंचे। शव को रास्ते में कहीं फेंका भी जा सकता था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलेगा हत्या का राज
पुलिस गला दबाकर हत्या का दावा कर रही है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि उसके कपड़ों पर खून कैसे और कहां से आया। क्योंकि गला दबाकर हत्या करने पर खून आना संभव नहीं है। वहीं पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही हकीकत पता चलेगी की यश मित्तल की हत्या कैसे और कब की गई।
परिजनों ने रात में ही पोस्टमार्टम कराने की मांग की।

इकलौते बेटे यश मित्तल की हत्या के बाद पिता प्रदीप मित्तल पूरी तरह टूट गए हैं। मां वर्षा मित्तल और बहन इशिका मित्तल सदमे में है। परिजनों ने गजरौला थाने में पत्र देकर रात में पोस्टमार्टम कराने की मांग की। जिसके बाद डीएम की अनुमति से डॉक्टरों के पैनल ने मृतक यश मित्तल के शव का पोस्टमार्टम किया।

मूलरूप से बुगरासी के रहने वाले हैं प्रदीप मित्तल
यश मित्तल के पिता प्रदीप कुमार मित्तल मूलरूप से बुलंदशहर जनपद में स्याना थानाक्षेत्र के बुगरासी अड्डा बड़ा बाजार के रहने वाले हैं। वहीं उनका पैतृक घर है। परिजनों के मुताबिक प्रदीप कुमार मित्तल करीब 40 साल पहले गजरौला में आकर बस गए थे। यहीं पर इलेक्ट्रॉनिक्स के सामान का बड़ा कारोबार करते हैं।

जिले में अलग पहचान रखते हैं कारोबारी प्रदीप मित्तल
प्रदीप मित्तल सूर्य इलेक्ट्रॉनिक्स नामक फर्म है। उनकी गजरौला ही नहीं बल्कि पूरे जिले में अच्छी पहचान है। मिलनसार होने के कारण उनका सभी समाज में बड़ा सम्मान है। बुधवार की शाम जिसने भी सुना वह दंग रह गया। सबसे पहले तो एक दूसरे से फोन कर यह जानकारी करते कि क्या हो गया। इसके बाद घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़े। शव को पुलिस ने बरामद कर मोर्चरी पहुंचाया तो व्यापारी वर्ग और नागरिक थाने में जमा हो गए। 

भौगोलिक जानकारी होने के कारण छिपाया शव
कारोबारी प्रदीप मित्तल के बेटे के हत्यारोपी तिगरिया भूड़ निवासी रचित के साथ ही गजरौला के आसपास के हैं। उनको गजरौला क्षेत्र की भौगोलिक जानकारी थी। यह भी पता था कि कहां पर शव को लाकर आसानी से छिपाया जा सकता है। ताकि उनको कोई न देखे और जिससे वह सहज में पकड़े न सकें। उन्होंने गेहूं के खेतों के बीच चकरोड़ किनारे खेत में गड्ढा खोद कर शव को छिपा दिया। हत्यारोपी स्थानीय होने के कारण उन्होंने शव को लाकर छिपाया।

दोपहर एक बजे तक आता रहा फिरौती का मैसेज
यश मित्तल की हत्या कब हुई। इसे लेकर पुलिस जांच पड़ताल कर रही है। हालांकि, चाैंकाने वाली बात यह है कि आरोपी यश के नंबर से उसके पिता को फिरौती के लिए बुधवार दोपहर एक बजे तक मैसेज करते रहे। यह बात प्रदीप मित्तल ने घटना के बाद पुलिस को बताई। पुलिस ने आरोपी रचित की निशानदेही पर मोबाइल भी बरामद किया। यश के मोबाइल से मिलने नंबरों को लेकर भी पुलिस जांच पड़ताल कर रही है।

बदहवास हुए पिता और बहन
यश मित्तल की दोस्तों द्वारा हत्या किए जाने की खबर सुनते ही उसके पिता प्रदीप मित्तल व मृतक की बड़ी बहन इशिका मित्तल बदहवास हो गए। बहन अपने पिता के साथ सिसकते सिसकते हुए खेतों के बीच पहुंची थी। पुलिस ने जैसे ही शव को गड्ढे से बाहर निकाला, पिता-पुत्री बिलख पड़े। वह लड़खड़ाते कदमों से पिता का हाथ पकड़े हुए आगे बढ़ रही थी। जैसे ही पुलिस ने शव को बाहर निकाला, घटना स्थल से कुछ दूर पिता-पुत्री बदहवास हो गए। पुलिसकर्मियों और लोगों ने उनको संभाला।

 

अंडरवियर व टी शर्ट में मिला शव
पुलिस ने गड्ढे से जब यश मित्तल के शव को निकाला तो सब चौंक गए। वह टी शर्ट व अंडरवियर पहने हुए था। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर उसकी पैंट क्यों गायब थी। हालांकि, इस बिंदु पर भी पुलिस जांच पड़ताल कर रही है।

 

जिन पर किया विश्वास, उन्होंने ली यश की जान
जिन पर यश मित्तल व उनके परिवार को बहुत अधिक भरोसा था, वही उसकी जान के दुश्मन बन गए। हत्यारोपी रचित नागर व उसके साथियाें का यश के घर अच्छी तरह आना जाना था। उन पर सभी को बड़ा विश्वास था। मगर वह उनके घर के चिराग को बुझा देगा, इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी।

 
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बेटे के फोन से दी पिता को हत्या की खबर
बीबीए के छात्र यश के हत्यारोपी अपना कोई फोन इस्तेमाल करने की बजाय उसका ही फोन चला रहे थे। उसके ही फोन से यश मित्तल के पिता प्रदीप मित्तल को फोन कर छह करोड़ रुपये की फिरौती मांगी। यश मित्तल का एक हत्यारोपी रचित नागर दो भाई हैं। उसका बड़ा भाई खेतीबाड़ी करता है। पिता चंदौसी में काम करते हैं। दो साल पूर्व उसकी शादी की गई।
 
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