रजबपुर(अमरोहा)। गुजरात प्रांत के राज्यपाल आचार्य डॉ देवव्रत ने कहा कि विद्या से बड़ा दान नहीं है। एक अच्छी शिक्षा राष्ट्र के निर्माण के साथ-साथ परिवार का नाम रोशन करती है। बेटियां पिता और पति के घर का निर्माण करती हैं। सरकार अरबों रुपये विकास के नाम पर खर्च करती है। यदि शिक्षा की मशीनरी भी सही हो जाए, तो अवश्य ही यह देश विश्व गुरु बन सकता है। हर व्यक्ति ने अपने अधिकारों को तो जान लिया है, लेकिन कर्तव्य की बात आती है, तो अपना मुंह फेर लेता है। अपने कर्तव्य को समझें और शिक्षा को आगे बढ़ाने में सहयोग दें।
वह रविवार को श्रीमद दयानंद कन्या गुरुकुल महाविद्यालय चोटीपुरा में नव पृष्ठ छात्राओं का उपनयन एवं वेदारंभ संस्कार कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा महाविद्यालय की प्राचार्य सुमेधा ने सम्मान का भाव, त्याग और तपस्या के साथ बालिकाओं के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया। कहा कि आज इस गुरुकुल विद्यालय को 15 देशों के लोग जानते हैं। यह इन्हीं की देन है। कहां यह 20 वर्ष पहले जंगल हुआ करता था और केवल गिने चुने ही बालिकाएं इसमें अध्ययन रहती थीं। लेकिन आज हजारों की संख्या में बालिकाएं विद्यालय में पढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि मैं सर्वप्रथम अपनी बेटी मनीषा को प्रवेश दिलाने के लिए यहां पर आया था। उस समय कोई भी सुविधा विद्यालय में नहीं थी। केवल चार पांच कमरे ही बने हुए थे। कहा कि आज 32 वर्ष में करीब एक हजार बेटियां शिक्षा ग्रहण कर पूरे देश में पुलकित और पल्लवित हो रही हैं। गुरुकुल विद्यालय के हर तरह से सहयोग रुहेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा खुलकर किया जा रहा है। कहा कि हर व्यक्ति को अपने अधिकारों को तो जान लिया है। लेकिन कर्तव्य की बात आती है तो अपना मुंह फेर लेता है। अपने कर्तव्य को समझें और शिक्षा को आगे बढ़ाने में सहयोग दें। कहा कि भारत में 16 संस्कार पाए जाते हैं। जिसमें व्यक्ति जन्म से अंत तक सभी संस्कारों से होकर गुजरना पड़ता है। इस दौरान उनकी पत्नी दर्शना देवी भी मौजूद रहीं
बेटियों के कार्यक्रम में राष्ट्रीय निर्माण की बात झलक रही है: डॉ देवव्रत
रजबपुर। राज्यपाल आचार्य डॉ देवव्रत ने कहा कि बेटियां जो सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर रही हैं, इनमें अश्लीलता और बकवास नहीं है। केवल राष्ट्र निर्माण की बात झलक रही है। जिन बेटियों का उपनयन विद्यारंभ संस्कार से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किया गया है। यह भी अन्य बेटियों की तरह गुरुकुल में शिक्षा ग्रहण कर राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान देंगी। कहा कि प्राचीन भारत में व्यक्ति गुरुकुल में शिक्षा ग्रहण करता था। लेकिन आज गुरुकुल की परंपरा लुप्त होती जा रही है। स्वामी दयानंद सरस्वती ने गुरुकुल की परंपरा डाली थी और पहला गुरुकुल उन्होंने हरिद्वार में स्थापित किया था, जो आज भी स्थापित है। संवाद
जैसे बेटे को मां गर्भ में रखती है, वैसे गुरु शिष्य को रखता है
रजबपुर। राज्यपाल आचार्य डॉ देवव्रत ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा तक गुरुकुल का वातावरण उस समय फैला था। जबकि राम, लक्ष्मण, कौरव पांडवों ने भी गुरुकुल से ही शिक्षा ग्रहण की थी। जैसे बेटे को गर्भ में मां रखती है। उसी प्रकार गुरु आपने शिष्य को रखता है। उन्होंने ने कहा कि आज बेटी कीर्ति ने जो यह आंखों में पट्टी बांध करके दिखाया है। वह कला मुझे आज ज्ञात होती है कि महाभारत के समय में धृतराष्ट्र को जो संजय महाभारत की पूरी कहानी बता रहे थे। वह उनके पास यह ही कला थी। इस बेटी को उच्च शिक्षा दी जाए और अलग से उसके देखरेख किया जाए तो यह अवश्य ही राष्ट्र निर्माण को बढ़ाने में अपनी भूमिका अदा करेगी। उन्होंने सभी उपस्थित बालिकाओं को बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए हर प्रकार से सहयोग करने की आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने 11 लाख की राशि महाविद्यालय के लिए दी।
बेटियां सीमाओं में एके-47 लेकर सुरक्षा कर रही हैं
रजबपुर। राज्यपाल ने कहा कि कभी भी जीवन में हताशा निराशा मत आने देना। अब्दुल कलाम पूर्व राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व उनकी माता और योग गुरु बाबा रामदेव के संघर्षों को बताते हुए कहा कि कितने संघर्ष के बाद वह आगे बढ़े हैं। कहां की कठिन परिश्रम की आवश्यकता है। आज बेटियां सीमाओं में एके-47 लेकर सुरक्षा कर रही हैं और वकील, डॉक्टर, इंजीनियर और विभिन्न खेलों की प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर हर क्षेत्र में अपना कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। बिना संघर्ष और मेहनत के कुछ नहीं हो सकता है।
पौत्री के गीत को सुनकर भाव विभोर हो गए राज्यपाल
रजबपुर। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल आचार्य डॉ देवव्रत अपनी पोती वरेण्या के गीत को सुनकर भाव विभोर हो गए। साथ ही छात्रा कीर्ति द्वारा आंखों में पट्टी बांधने के बाद छूकर रंग और किताब में क्या लिखा हुआ है, कौन सा रंग है। संदूक के अंदर क्या रखा हुआ है, यह बता सकती है। यह कीर्ति ने अपनी प्रतिभा का प्रस्तुतीकरण किया गया। इसी दौरान छात्राओं ने देशभक्ति के गीत प्रस्तुत कर समा बांध दिया। संवाद
अमरोहा के रजबपुर स्थित श्रीमद दयानंद कन्या गुरुकुल महाविद्यालय चोटीपुरा पहुंचे गुजरात के राज्?- फोटो : JPNAGAR