जमीन पर कब्जे को लेकर बुलंदशहर व हसनपुर के माफिया के बीच जमकर फायरिंग हुई। गोलियों की तड़तड़ाहट से गंगा की तलहटी गूंज उठी। खेतों में काम कर रहे किसानों में भगदड़ मच गई। दहशत के चलते किसानों ने खेतों पर जाना बंद कर दिया है। रविवार की दोपहर को भी मामला गरमाता रहा। लेकिन आदमपुर पुलिस मामले को दबाने में लगी है।
आदमपुर थाना की रिपोर्टिंग चौकी रहरा क्षेत्र के हैदलपुर गांव के सामने गंगा के टापू में वन विभाग की 15 से 18 सौ बीघा जंगल है। लेकिन इस पर वन विभाग का नहीं बुलंदशहर के गांव टासी और हसनपुर के हैदलपुर निवासी दो माफिया का राज चलता है। किसानों के मुताबिक माफिया गंगा के टापू की जमीन पर 50 से 60 हजार रुपये बीघा के हिसाब से अवैध उगाही कर करोड़ों रुपये की काली कमाई करते हैं। लेकिन शुक्रवार की सुबह दोनों माफिया जमीन पर अपना हक जताते हुए आमने-सामने आ गए।
इसी बीच दोनों पक्षों के बीच फायरिंग शुरू हो गई। करीब एक घंटे तक गंगा की रेती में गोलियां गरजती रहीं और पुलिस को कानों कान खबर न लगी। जबकि लोगों का कहना है कि पुलिस मामले को दबाना चाहती है।
बयान