कई केंद्रों पर तो खुले आसमान के नीचे गेहूं पड़ा हुआ है। इससे बीते वर्ष की भांति इस बार भी गेहूं के बारिश पड़ने पर भीगने की आशंका जताई जा रही है।
खाद्य एवं रसद मंत्री कमाल अख्तर के गृह जनपद में गेहूं खरीद और खरीदे गए गेहूं के रख रखाव को लेकर प्रशासन संजीदा नहीं है।
जनपद में गेहूं खरीद के लिए खोले गए 52 क्रय केंद्र में से अधिकांश पर अभी खरीद ही नहीं शुरू हो सकी है। जहां खरीद शुरू भी हुई है वहां उसके रख रखाव के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। इससे बारिश पड़ने पर गेहूं के भीगने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सका है। जिले में करीब चालीस हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जानी है।
निर्धारित तिथि के दो सप्ताह बाद कुछ केंद्रों पर खरीद शुरू की गई है। अभी तक करीब चार सौ क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है। लेकिन, अभी तक गेेहूं का उठान नहीं हुआ है। इसके अलावा केंद्रों पर बारिश से बचाव के लिए तिरपाल आदि की भी व्यवस्था नहीं की गई है।
शहर के आजाद रोड स्थित एसएमआई कार्यालय परिसर में चल रहे क्रय केंद्र पर 70 क्विंटल से अधिक गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है। यहां के अलावा अन्य केंद्रों पर भी खुले आसमान के नीचे किसानों से खरीदा हुआ गेहूं पड़ा है। गेहूं को बारिश से बचाव के क्रय केंद्रों पर पर्याप्त बंदोबस्त नहीं है।
जबकि मौसम में बदलाव का दौर शुरू हो गया है। बारिश से गेहूं का नुकसान हो सकता है। उधर, क्रय केंद्रों पर किसानों से खरीदे हुए गेहूं को धूप और धूल मिट्टी से बचाव के इंतजाम नहीं है।