अमरोहा। गिरोह बनाकर बिजली के तार चोरी की वारदातों को अंजाम देने में गैंगेस्टर एक्ट के तीन आरोपी को न्यायालय ने पांच-पांच साल का सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों पर पचास-पचास हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। आरोपी जमानत पर जेल से बाहर थे। उन्हें कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया है।
सैदनगली थाने के तत्कालीन एसओ रामपाल सिंह ने 6 दिसंबर 2012 को असमोली के विलालपत गांव निवासी अंसार, जनपद बदायूं में फैजगंज थाने के गांव पिपलिया निवासी आरिफ उर्फ रंजीत और संभल नगर के मोहल्ला चौधरी सराय निवासी इस्लाम के खिलाफ गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज कराया था। उनका आरोप था तीनों मिलकर एक गिरोह चलाते हैं। अंसार इस गिरोह का लीडर था। यह तीनों आरोपी अन्य सदस्यों के साथ मिलकर असामाजिक कार्य करके भौतिक और आर्थिक लाभ कमाते हैं। बिजली के तार चोरी जैसा अपराध करते है। इनके खिलाफ चार मुकदमे दर्ज थे। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद आरोपी जमानत पर जेल से बाहर आ गए थे। यह मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश (विशेष गैंगेस्टर) सुरेश चंद प्रथम की अदालत में विचाराधीन था। मंगलवार को न्यायालय ने मुकदमे में सुनाई की। साक्ष्य और सबूतों के आधार पर गैंगेस्टर के तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया। गैंग सरगना अंसार समेत तीनों को 5-5 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। न्यायालय ने आरोपियों को कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया है।