गजरौला(अमरोहा)। गंगा के जलस्तर और रेलवे पुल के आसपास हो रहे कटान की जानकारी अब रेलवे अधिकारियों-कर्मचारियों को ब्रजघाट गंगा पुल पर जाकर नहीं लेनी होगी। रेलवे ने पुल के पिलर के नीचे पानी में मशीन लगाई है, जो मुरादाबाद स्थित वरिष्ठ मंडल अभियंता चतुर्थ के कार्यालय की स्क्रीन से जुड़ी है। मशीन लगाने पर 70 लाख रुपये खर्च हुए हैं।
बाढ़ सीजन जुलाई से अक्तूबर तक रहता है। इस दौरान गंगा का जलस्तर लगातार बदलता है और पानी की धारा खेतों व आसपास के स्थलों का कटान करती है। जलस्तर बढ़ने पर दिल्ली-लखनऊ रेलवे लाइन पर ट्रेनों की गति कम करने और कभी-कभी रूट बदलने की जरूरत पड़ती है। पहले कटान और जलस्तर की निगरानी के लिए कर्मचारियों को दिन-रात गश्त करनी पड़ती थी।
अब पानी में लगी मशीन के सेंसर से गंगा का जलस्तर बढ़ने या घटने और किस पिलर के आसपास कटान हो रहा है, इसकी जानकारी वरिष्ठ मंडल अभियंता चतुर्थ के कार्यालय में लगी स्क्रीन पर मिलती रहेगी। इससे आंधी-बारिश के दौरान कर्मचारियों को गश्त करने की परेशानी भी नहीं होगी।
गजरौला के वरिष्ठ मंडलीय अभियंता प्रेम प्रकाश ने बताया कि मशीन के सेंसर से बाढ़ का स्तर और कटान की जानकारी मिल जाएगी। अब कर्मचारियों को जलस्तर देखने के लिए मौके पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।