फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गंगा उफनाई, पानी से घिरे गांवों में रह रहे लोगों की नींद उड़ाई

विज्ञापन
गजरौला के गांव शीशोवाली में शुक्रवार की शाम आबादी के बीच आए पानी के बाद चारपाई पर बैठे दहशतजदा ग्? - फोटो : GAJRAULA
विज्ञापन
गजरौला(अमरोहा)। पहाड़ों में हो रही बारिश और बिजनौर बैराज से लगातार दूसरे दिन भी एक लाख से अधिक क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण गंगा जबरदस्त उफान पर है। तिगरी में जल स्तर 10 सेंटीमीटर और बढ़ गया है। शनिवार को जल स्तर और बढ़ना तय है। वहीं गंगा के किनारे वाले गांवों में स्थित खेतों के साथ ही आबादी भी पानी से घिरी हुई है। रात को हुई तेज बारिश और गंगा में उठ रही लहरों की तेज आवाजों से ग्रामीण सही ढंग से सो भी नहीं सके। इनकी नींद उड़ी हुई है।
विज्ञापन

शुक्रवार को भी गंगा का उफान कम नहीं हुआ बल्कि गंगा का दायरा और बढ़ गया। तिगरी में गंगा का पानी आरती चबूतरे तक आ पहुंचा। पानी खड़ंजे के ऊपर बहने के कारण वहां दुकान करने वालों के होश उड़े हुए हैं। इन्हें अपना सामान डूबने की चिंता सता रही है। वहीं पुरोहितों के तख्त आदि भी जलमग्न हैं। तिगरी में सुबह के समय जल स्तर 10 सेंटीमीटर बढ़कर 200 गेज मीटर 30 सेंटीमीटर रिकार्ड किया गया। वहीं बाढ़ खंड के जेई प्रदीप कुमार ने बताया कि बिजनौर बैराज से एक लाख 12 हजार 429 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जो कि रात में किसी समय यहां से गुजरेगा। इससे शनिवार को जल स्तर और बढ़ना तय है। वहीं गंगा के किनारे वाले गांवों में जाने वाले कच्चे रास्तों, खेतों के बाद अब गंगा का पानी आबादी की ओर बढ़ रहा है। इससे इन गांवों में रहने वाले ग्रामीणों के होश उड़े हुए हैं। इनका कहना है कि गुरुवार की रात हुई बारिश के बाद गंगा की लहरों से सांय-सांय की आवाजें आ रही थीं। इसके बाद उन्होेंने जागकर रात गुजारी।
यह गांव घिरे से बाढ़ के पानी से
गजरौला। खादर में स्थित 19 गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। इनमें शीशोवाली, देवीवाली, दियावली, दारा नगर, टीकोवाली, मंदिर वाली भुड्डी, पछैल भुड्डी, जाटोवाली, सुल्तानपुर, रम्पुरा, घेर, लंगड़ेवाली, विसावली, मन्नोवाली, कुएंवाली, मीरापुर, लठीरा, ओसीताजगदेपुरस पीपलवाली शामिल हैं। इनके अलावा भी गंगा और रामगंगा पोषक नहर के पार स्थित कई गांवों में गंगा का पानी घुस आया है। दारानगर निवासी सुनील कुमार, मंगत सिंह, टीकोवाली निवासी जसवीर, शीशोवाली निवासी अरविंद, मंदिर वाली भुड्डी निवासी दलपत ने बताया कि पानी आबादी में घुस आया है।
विज्ञापन

पिछले एक सप्ताह में तिगरी का जलस्तर
दिनांक जलस्तर बैराज से हुआ डिस्चार्ज
15-8-2020 200 गेजमीटर, 15 सेंटीमीटर 74,648 क्यूसेक
16-8-2020 200 गेजमीटर 51,174 क्यूसेक
17-8-2020 200 गेजमीटर 10 सेंटीमीटर 85,548 क्यूसेक
18-8-2020 200 गेजमीटर 10 सेंटीमीटर 59,309 क्यूसेक
19-8-2020 200 गेजमीटर 59,309 क्यूसेक
20-8-2020 200 गेजमीटर 20 सेंटीमीटर 1,36,372 क्यूसेक
21-8-2020 200 गेजमीटर 30 सेंटीमीटर 1,12,429 क्यूसेक
पचास से अधिक गांवों में नहीं हैं चिकित्सीय सुविधाएं
गजरौला। बाढ़ की आशंका और गंगा के पानी से घिरे मंडी धनौरा तहसील क्षेत्र के पचास से अधिक गांवों में चिकित्सीय सुविधाएं नहीं हैं। यहां रहने वाले ग्रामीण गांव की गलियों, चौराहों पर संचालित अपंजीकृत चिकित्सकों से ही सेवाएं लेने को विवश हैं। यह भी ग्रामीणों को लाल, नीली, पीली गोलियां देकर अपनी जेबें गर्म करते हैं। गांव में किसी को बड़ी बीमारी होने पर शहर तक लाने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। इसमें अक्सर रोगी की जान भी चली जाती है। एक सप्ताह पूर्व गांव टीकोवाली निवासी एक ग्रामीण के आठ वर्षीय पुत्र की समय से उपचार नहीं मिलने के कारण मौत भी हो गई थी।
गंगा के पानी से घिरे भी गांवों पर प्रशासन निगाह रखे हुए है। पूर्व में एसडीएम मंडी धनौरा को भी निरीक्षण के लिए भेजा गया था। इसके अलावा लगभग तीन सप्ताह पूर्व ही गांव दारानगर और शीशोवाली समेत कई गांवों में अफसरों की टीमों ने घूमकर ग्रामीणों से अपील की थी कि वह बारिश से पहले ही गांव खाली कर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। उनके लिए गांव चकनवाला और पतेईएमन में व्यवस्था कराई गई। लेकिन, अभी तक कोई नहीं आया। ग्रामीणों से यही आग्रह है कि रिस्क न लें और समय रहते गांव से बाहर आ जाएं। प्रशासन उनके रहने और खाने की व्यवस्था कराएगा।
विज्ञापन

उमेश मिश्र, डीएम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें