गजरौला। पहाड़ों में हो रही बारिश और बिजनौर बैराज से रोजाना भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण गंगा उफान पर है। बाढ़ का पानी आसपास के खेतों में भरा हुआ है। इससे किसान परेशान हैं। उनकी फसलें भी पानी में डूबी हुईं हैं। तिगरी में मंगलवार की सुबह के समय जलस्तर 20 सेंटीमीटर से बढ़कर 40 सेंटीमीटर रिकार्ड किया गया। वहीं बिजनौर बैराज से 36 हजार 883 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है।
मंगलवार को तिगरी में गंगा तेजी से कटान कर रही है। यही वजह रही कि गंगा के पार वाले हिस्से में दूर तक बाढ़ का पानी ही नजर आ रहा है। तिगरी और आसपास के गांवों में गंगा के किनारे खेतों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है और फसलें जलमग्न हैं। वहीं किसान अकेले खेतों में जाने से कतरा रहे हैं। बाढ़ खंड के जेई प्रदीप सागर ने बताया कि पहाड़ों में हो रही बारिश के कारण गंगा उफान पर है। तिगरी गंगा में फिलहाल बाढ़ के आसार नहीं हैं। फिर भी बाढ़ खंड ने बचाव के पर्याप्त बंदोबस्त हैं।
नाव का संतुलन बिगड़ने से मची अफरातफरी
गजरौला। क्षमता से अधिक वजन होने के कारण नाव का संतुलन गड़बड़ा गया। इससे नाव पलटने से बाल-बाल बच गई। वहीं घाट पर खड़े लोगों ने यह नजारा देखा तो वहां अफरातफरी मच गई। इन दिनों गंगा में जल स्तर बढ़ने के कारण नदी का पानी रामगंगा पोषक नहर में बैक मार रहा है। इस कारण पोषक नहर भी भरकर चल रही है। वहीं चकनवाला में पोषक नहर पर लगा पैंटून पुल हटा लेने के बाद से ग्रामीण नाव और डोंगी में सफर कर रहे हैं। नाव में क्षमता से अधिक बाइक और अन्य सामान लाद देने के कारण नाव का संतुलन बिगड़ गया और नाव पलटने से बच गई। बताते हैं कि सभी लोग शीशोवाली जा रहे थे। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस-प्रशासन द्वारा घाट पर सुरक्षा के कोई बंदोबस्त नहीं कराए जाने के कारण ग्रामीण मनमाने तरीके से नाव में सवार होते हैं।