गजरौला(अमरोहा)। पहाड़ों में हो रही बारिश और बिजनौर बैराज से भारी मात्रा में छोड़े जा रहे पानी के कारण गंगा और उफान पर आ गई है। तिगरी में गंगा का जलस्तर बीस सेंटीमीटर बढ़कर 200 गेजमीटर 20 सेंटीमीटर जा पहुंचा है। वहीं बिजनौर बैराज से 63 हजार 715 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण जलस्तर और बढ़ने की संभावना बनी हुई है। वहीं बाढ़ का पानी गंगा किनारे बसे गांवों में खेतों से होकर आबादी तक आने लगा है। इससे गांव वालों के होश उड़े हुए हैं।
शुक्रवार को तिगरी में गंगा जबरदस्त उफान पर रही। गंगा की लहरों को देख गंगा के आसपास बसे गांवों के लोग और किसानों के होश उड़े रहे। गंगा तेजी से कटान करते हुए आगे बढ़ रही है। तिगरी में ही बाढ़ का पानी मुख्य स्नान घाट से आगे खड़ंजे तक आ पहुंचा है। इससे वहां दुकानदारों और पंडित-पुरोहितों के होश फाख्ता हैं। उन्हें भी बाढ़ का डर सताने लगा है। वहीं गांव शीशोवाली और टीकोवाली समेत कई गांवों में खेतों में भरा बाढ़ का पानी आबादी की ओर बढ़ रहा है। शीशोवाली और टीकोवाली में सबसे अधिक खतरा बना हुआ है। वहीं बाढ़ खंड के जेई प्रदीप सागर ने बताया कि गजरौला ब्लाक की तिगरी बाढ़खंड चौकी पूरी तरह अलर्ट है।
चारपाई के नीचे ट्यूब बांधकर जा रहे खेतों की ओर
गजरौला। गांव टीकोवाली में बाढ़ का पानी अधिक जोर मार रहा है। गंगा से घिरे इस गांव में बाढ़ का पानी आसपास के खेतों में भरा हुआ है। गांव के प्रधान नानक सिंह ने बताया कि इस समय गांव बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है। गांव में रहने वाले धर्मेंद्र, रामस्वरूप, जयप्रकाश, सीताराम, रविंद्र थान सिंह ने बताया कि उनके खेतों में खड़ी फसल बाढ़ के पानी में डूबी हुई है। वहीं शौकेंद्र ने बताया कि उसका खेत भी बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है। इस कारण खेत में जाने के लिए चारपाई के नीचे ट्यूब बांधकर उसे पानी में तैराकर उस पर बैठकर वहां जाते हैं।