ज्ञान भारती इंटर कॉलेज ने जरूरतमंद विद्यार्थियों को मुफ्त किताबें और मॉडल पेपर देेने की अनूठी पहल की है। यह सुविधा 150 विद्यार्थियों को दी गई है। इसके तहत उन विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया है, जिनके मां या पिता नहीं हैं और वह आर्थिक रूप से कमजोर हैं।
ज्ञान भारती इंटर कॉलेज में कक्षा छह से आठ तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों से परीक्षा होने के बाद किताबें जमा करा ली जाती हैं। जिससे उनकी कक्षा में प्रवेश लेने वाले अन्य विद्यार्थियों को किताबें मिल सकें और उनकी पढ़ाई लगातार चलती रहे। इस बीच कॉलेज स्टाफ के संज्ञान में आया कि कक्षा नौ से इंटर तक भी कई ऐसे विद्यार्थी हैं, जो जैसे-तैसे पढ़ाई कर रहे हैं। किसी की मां नहीं है तो किसी के पिता दुनिया को छोड़ गए। वहीं, कई की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर है कि उनको कॉलेज की फीस वहन करने में ही परेशानी का सामना करना पड़ा और वे किताबें भी नहीं खरीद पाए हैं।
इस पर कॉलेज प्रबंधन और स्टाफ ने आपसी सहयोग से ऐसे 150 विद्यार्थियों को किताबें और मॉडल पेपर मुफ्त देकर मदद की है। गजरौला के अल्लीपुर भूड़ मोहल्ला निवासी दो सगी बहन पढ़ती हैं। दोनों ने कोर्स की आधी-आधी किताब खरीदीं। प्रधानाचार्य पवन गिरि गोस्वामी ने बताया कि एक परिवार में पांच बहनें हैं। उनके माता-पिता की मौत हो चुकी है। कोई भाई भी नहीं है। घर की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर हैं। उस परिवार की दो बेटियाें को भी यह लाभ दिया गया है। प्रधानाचार्य ने बताया कि सर्दी से बचाव के लिए ऐसे विद्यार्थियों को गर्म कपड़े भी वितरित किए जाएंगे।
- कॉलेज में पढ़ने वाले आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के साथ कॉलेज प्रबंधन खड़ा है। धनाभाव के चलते किसी की विद्यार्थी की पढ़ाई न छूटे, यही प्रयास रहता है। इसमें स्टाफ के साथ ही प्रबंधन का भरपूर सहयोग मिलता है। - रोहताश शर्मा, प्रबंधक ज्ञान भारती इंटर कॉलेज, गजरौला