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गंगेश्वरी और हसनपुर ब्लाकों के पेंशन लाभार्थियों का दोबारा होगा सत्यापन

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अमरोहा/ढबारसी। जिला समाज कल्याण विभाग और जिला प्रोबेशन विभाग की पेंशन प्रणाली में फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद अफसरों में हड़कंप मचा है। अमर उजाला की खबरों पर दोनों विभागों के अफसरों ने मुहर लगा दी है। अफसरों ने फर्जीवाड़े को जड़ से खत्म करने का फैसला लिया है। इसके लिए गंगेश्वरी और हसनपुर की सभी ग्राम पंचायतों पेंशन लाभार्थियों का सत्यापन दोबारा से कराया जाएगा। सत्यापन के लिए दोनों विभागों ने ब्लाक स्तर पर एक-एक टीम गठित की है। सभी लाभार्थियों के आधार कार्ड, बैंक खाता, मूल निवास सहित पेंशन पाने के लिए सभी प्रमाण पत्रों की बारीकी से जांच कराई जाएगी। सत्यापन के बाद दोबारा गड़बड़ी पाई जाती है तो इसकी जिम्मेदारी सत्यापन करने वाली टीम की होगी।
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अमरोहा जिले में छह ब्लाक और 601 ग्राम पंचायत और 1133 गांव है। इसमें हसनपुर ब्लाक में 92, गंगेश्वरी में 87, गजरौला में 84, मंडी धनौरा में 89, जोया में 136 और अमरोहा में 114 ग्राम पंचायत शामिल हैं। इस सभी ब्लाकों की ग्राम पंचायतों में 52,059 वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग जन पेंशन धारक हैं। इसमें वृद्धावस्था पेंशन जिला समाज कल्याण विभाग देता है। जबकि दिव्यांगजन को दिव्यांगजन विभाग और विधवाओं को जिला प्रोबेशन विभाग से पेंशन मिलती है। लेकिन, जिला समाज कल्याण विभाग की वृद्धावस्था और जिला प्रोबेशन विभाग की विधवा पेंशन प्रणाली में बड़ा फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ है। हसनपुर ब्लाक क्षेत्र के भीमा सुल्तानपुर और गंगेश्वरी के ढबारसी में गांव में अपात्र और मृतक लाभार्थियों के नाम पर वृृद्धावस्था पेंशन के बंदरबांट किया गया है। इसका खुलासा वित्तीय वर्ष 2020-21 की सूची के आधार पर हुआ है। इतना ही नहीं जिला प्रोबेशन विभाग में ढबारसी ग्राम पंचायत की वित्तीय वर्ष 2020-21 की सूची में शामिल एक महिला जीवित पति को स्वर्गीय बनाकर विधवा पेंशन लेती पकड़ी गई है। जबकि उसका पति स्वस्थ और सकुशल घर में मौजूद हैं। उसके पेंशन आवेदन के कागजों में जिंदा पति का मृत्यु प्रमाण पत्र लगाया गया है। लोगों की जाति और उनके खाते बदलकर पेंशन का बंदरबांट होने का भी खुलासा हुआ है।
हालांकि कि जिला समाज कल्याण विभाग जून 2020 में हुए सत्यापन में अपात्रों की पेंशन काटने का दावा कर रहा है। यह दावा विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है। लेकिन, जब ढबारसी गांव में जीवित पति को स्वर्गीय दिखाकर विधवा पेंशन हथियाने का खुलासा हुआ तो अफसरों के होश उड़ गए। एडीओ पंचायत परमानंद ने जांच करने पहुंचे तो फर्जीवाड़ा सही पाया गया। अब दोनों विभागों ने गंगेश्वरी और हसनपुर ब्लाक के सभी 179 ग्राम पंचायतों के पेंशन लाभार्थियों के सत्यापन दोबारा कराने का फैसला लिया है। इसमें सभी लाभार्थियों के आधार कार्ड, बैंक खाता, मूल निवास सहित पेंशन पाने के लिए सभी प्रमाण पत्रों की बारीकी से जांच कराई जाएगी। इस सत्यापन के बाद जून 2020 में हुुआ सत्यापन मान्य नहीं होगा।
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अमर उजाला की खबरों को सही पाया गया है। कहीं न कहीं गड़बड़ी हुई है। अब गंगेश्वरी और हसनपुर ब्लाक क्षेत्र की सभी 179 ग्राम पंचायतों में पेंशन लाभार्थियों का सत्यापन दोबारा कराया जाएगा। इसमें वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग जन सभी लाभार्थी शामिल रहेंगे। इसके लिए ब्लाक स्तर पर टीम गठित की गई हैं। सोमवार को सीडीओ से वार्ता करने बाद कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। लाभार्थियों के दोबारा सत्यापन से ही पेंशन प्रणाली में फर्जीवाड़े खत्म हो सकेगा।
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- शक्तिसरन श्रीवास्तव, जिला प्रोबेशन अधिकारी
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