अमरोहा। फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर बीड़ी कारोबारी से छगी करने की कोशिश करने वाले चौथे आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस इससे पहले तीन आरोपियों को जेल भेज चुकी है। जबकि पांचवें आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किया जा रहे हैं।
सीओ अवधभान भदोरिया ने बताया कि नौगांवा सादात निवासी कारोबारी मोहम्मद आरिफ को मोहल्ला नई बस्ती में बीड़ी कारखाना है। कारोबारी आरिफ के मोबाइल पर पिछले पांच दिन से कुछ अनजान नंबरों से कॉल आ रही थी। फोन करने वाले लोग खुद को दिल्ली सीबीआई दफ्तर से बता रहे थे। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री कार्यालय से उनके पास कारोबारी के कारखाना और घर पर छापा मारने का आदेश मिला है। इसके अलावा भी उनके खिलाफ कई शिकायतें मिली हैं।
सीबीआई दफ्तर से फोन आने के बाद कारोबारी आरिफ परेशान थे। लगातार फोन आने के कारण उन्होंने अपना मोबाइल बंद कर लिया। 18 मार्च को शाम उन्होंने अपना मोबाइल खोला तो फिर से कॉल आनी शुरू हो गईं। फोन करने वाले लोगों ने बताया कि 19 मार्च की सुबह सीबीआई के इंस्पेक्टर भूपेंद्र सिंह रावत नौगांवा सादात पहुंच रहे हैं और उनके पास शिकायतों की फाइल है।
यदि कार्रवाई नहीं चाहते तो 25 लाख रुपये देकर मामला रफादफा कर लेना। इस दौरान एक व्यक्ति उनके कारखाने पर पहुंचा और उसने खुद को सीबीआई इंस्पेक्टर भूपेंद्र रावत बताया। उसने दिल्ली सीबीआई के सीओ के नाम वाला एक फर्जी पत्र भी दिखाया। जिस पर बीड़ी कारखाने पर छापा मारने का आदेश दर्ज था।
भूपेंद्र ने कारोबारी आरिफ से 25 लाख रुपये की मांग की। कारोबारी ने रकम का इंतजाम नहीं होने की बात कही तो फर्जी सीबीआई इंस्पेक्टर ने जितने पैसे उपलब्ध हैं, देने के लिए कहा। साथ ही बाकी रुपये बाद में देने की बात कही थी।
इस बात पर कारोबारी शक हुआ तो उन्होंने दूसरे कमरे में जाकर डायल 112 पुलिस को बुला लिया। इसके बाद पुलिस ने फर्जी इंस्पेक्टर को गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में फर्जी सीबीआई इंस्पेक्टर भूपेंद्र, उसके साथी संतोष कुमार, इसराइल, नन्हा और समीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद भूपेंद्र, इसराईल, समीम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं, सोमवार को चौथे आरोपी नन्हा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अब संतोष कुमार की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।