शाहविलायत दरगाह पर फूल चढ़ाते जगदीश टाइटल, वजाहत कासमी, मो. शकील सैफी व अन्य अकीदतमंद।
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मुस्लिम राष्ट्रीय मंच नेता मुफ्ती वजाहत कासमी ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड गुंडों की संस्था बन गई है। मुस्लिम लॉ बोर्ड की दुकान फीकी न पड़े इसलिए 37 साल से कर्मठ और इमानदार सदस्य रहे मौलाना सलमान नदवी के बोर्ड से बर्खास्त कर दिया है। राम मंदिर व मस्जिद पर नदवी द्वारा दिए गए बयान से अच्छा फार्मूला कोई नहीं हो सकता। कहा कि चार-छह कट्टरपंथी लोगों को छोड़कर मुसलमान राम मंदिर के विरोध में नहीं है। इस्लाम और शरीयत की बात करने वाले मुस्लिम लॉ बोर्ड से सदस्य निजामुद्दीन में वक्फ बोर्ड की जमीन पर अवैध कब्जा कर स्कूल खोलकर रोजगार कर रहे हैं। यह बातें उन्होंने प्रसिद्घ शाहविलायत दरगाह पर चादरपोशी करने के बाद पत्रकारों से कहीं।
उन्होंने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड में असदुद्दीन ओवैसी का बोलबाला ज्यादा है। जगजाहिर है की उनकी दुकान कट्टरपंथी से ही चलेगी। कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की कांफ्रेंस प्रवक्ताओं ने दोनों ओवैसी भाइयों की ज्यादा तारीफ की है। जिससे साफ है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड गुंडों की संस्था बन गई है। बताया कि मौलाना सलमान नदवी की सबसे ज्यादा मुखालफत अमरोहा के निवासी एक सदस्य ने की थी। वह इस्लाम व शरीयत की बात कर रहे थे। जबकि उन्होंने निजामुद्दीन में वक्फ बोर्ड की जमीन पर कब्जा करके स्कूल खोल रखा है। अपना रोजगार कर रहे हैं। लॉ बोर्ड गरीबों- यतीमों का हिस्सा है। इसलिए इसे रोजगार नहीं बना सकते हैं। अयोध्या में मंदिर बनाना बीजेपी के घोषणा पत्र में शामिल है। लेकिन, वह चाहते हैं, कि मंदिर व मस्जिद का मसला प्यार से हल हो जाए। मुसलमान राम मंदिर बनाने के खिलाफ नहीं हैं और न ही हिंदू मस्जिद बनाने के खिलाफ हैं।
लेकिन, कुछ कट्टरपंथियों की रोजी-रोटी इसी से चलती है। इसलिए उनके लिए बवंडर मचाना जरूरी है। अगर कट्टरपंथी लोग लोग शांत हो जाएं तो हिंदू मस्जिद बनाएंगे और मुसलमान मंदिर बनाकर खड़ा कर देंगे। इस मौके पर जगदीश टाइटलर, मो. शकील सैफी और अन्य लोग भी चादरपोशी के दौरान मौजूद रहे।