राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में 51 वादों पर सुनवाई की। कई तारीखों पर गैरहाजिर सीएमओ बिजनौर पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने एसपी बिजनौर को सीएमओ लखनऊ में पेश करने के निर्देश दिए। आरटीआई में खुलासा होने के बाद बीटीसी का फर्जी प्रमाण पत्र लगाने वाले संभल के चार शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है। इसके साथ ही विभिन्न जनपदों के 15 अफसरों पर 3.75 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया।
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मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने जनपदों के लंबित मामलों की सुनवाई की। संबंधित अफसरों से जानकारी तलब की। अफसरों की कार्यप्रणाली पर सख्त नाराजगी जताई। लापरवाही मिलने पर 15 अधिकारियों पर 3.75 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया। तीन मामलों में वादियों को क्षतिपूर्ति के तौर पर 15 हजार दिलाने का आदेश दिया। विभिन्न जिलों के 25 मामलों का निस्तारण हुआ। जबकि आठ वादों में अफसरों को चेतावनी दी।
सीएमओ बिजनौर के मामले में कड़ा रुख अख्तियार किया। एसपी से धारा-19 (7) के तहत सीएमओ को पेश कराने का आदेश जारी किया। सूचना आयुक्त के मुताबिक मुरादाबाद निवासी एक व्यक्ति ने आरटीआई के तहत सूचना मांगी थी। जिसमें चार बीटीसी का फर्जी प्रमाण-पत्र लगाए जाने के आरोपी पाए गए थे।
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इस मामले में बीएसए संभल को वादी को एक माह के अंदर सूचना उपलब्ध कराने का आदेश दिया। ऐसा नहीं होने पर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी थी। जिसके बाद चारों शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी गईं हैं। जबकि अवैध रुप से संचालित हॉस्पिटल पर कार्रवाई नहीं करने से 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
ये था शिक्षकों का मामला
अमरोहा में प्रेस वार्ता के दौरान राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने बताया कि पिछले दिनों मुरादाबाद निवासी एक व्यक्ति ने सूचना अधिकार के तहत कुछ शिक्षकों से संबंधित सूचनाएं मांगी गईं थी। लेकिन, संभल बीएसए द्वारा सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराईं गईं थी। इसके बाद वादी के प्रार्थना पत्र पर बीएसए को तीस दिन के भीतर सभी सूचनाएं आयोग के समक्ष पेश करने के निर्देश दिए थे।
बीएसए संभल सुनवाई के दौरान पेश हुए और प्राथमिक विद्यालय शकरपुर में महेंद्र सिंह, विकास खंड पंवासा के प्राथमिक विद्यालय करछली में तैनात खूब सिंह, प्राथमिक विद्यालय गोहरनगर में तैनात रूमाल सिंह, विकास खंड असमौली के प्राथमिक विद्यालय अकबरपुर गोहरा मिलक में तैनात रघुवीर सिंह के बीटीसी उर्त्तीण प्रमाण पत्र के सापेक्ष अनुक्रमांक आवंटित नहीं है, प्रमाण पत्र के सापेक्ष अभिलेख से भिन्न पाए गए। इसके आधार पर इन सभी शिक्षकों की तत्काल प्रभाव से सेवाएं समाप्त कर दी गईं हैं।
इन अधिकारियों पर 25-25 हजार का अर्थदंड
जिला मजिस्ट्रेट मुरादाबाद, सीडीओ मुरादाबाद, सीडीओ बिजनौर, जन सूचना अधिकारी जिलाधिकारी संभल, सीएमओ बिजनौर, सीएमओ सम्भल, जिला विकास अधिकारी मुजफ्फरनगर, एसडीएम चंदौसी, एसडीएम संभल, तहसीलदार सदर मुरादाबाद, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मुरादाबाद, जिला पूर्ति अधिकारी सम्भल, नगर पालिका परिषद चंदौसी-संभल, बीडीओ स्योहारा और क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी धामपुर बिजनौर शामिल हैं।
ये देंगे पांच-पांच हजार रुपये क्षतिपूर्ति
सीएमओ बिजनौर, असिस्टेंट कमिश्नर वाणिज्य कर सम्भल-पांच हजार रुपये, नजीबुद्दौला गर्ल्स इंटर कॉलेज नजीबाबाद बिजनौर शामिल हैं।
राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने कहा कि आरटीआई एक बेहतर कानून है। शासन प्रशासन में पारदर्शिता के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। यह एक सबसे मजबूत अस्त्र है। इससे सकारात्मक बदलाव आए हैं। वह बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थें। उन्होंने कहा कि आवेदक को सामान्यत: सूचना उसी रूप में प्रदान की जानी चाहिए, जिसमें वह मांगता है। इस दौरान सीडीओ दिनेश कुमार, एडीएम गुलाबचन्द्र, एएसपी ब्रजेश कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी शक्ति सरन श्रीवास्तव आदि रहे।