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Amroha News: औद्योगिक क्षेत्र में 91 करोड़ से बनेगा दिल्ली-लखनऊ रेलवे लाइन पर चार लेन का ओवरब्रिज

Fri, 22 Nov 2024 04:11 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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इस रेलवे ट्रैक पर बनेगा ओवरब्रिज - फोटो : अमरोहा
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विकल सिंह
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गजरौला। औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिकों के आवागमन को सुगम करने और फेस-2 और फेस-3 की फैक्टरियों को जोड़ने के लिए दिल्ली-लखनऊ रेलवे लाइन पर 91 करोड़ रुपये की लागत से ओवरब्रिज बनेगा। यूपीसीडा ने ओवरब्रिज के लिए धनराशि स्वीकृत कर दी है। उत्तर प्रदेश सेतु निगम की गाजियाबाद इकाई को कार्यदायी संस्था बनाया गया है। जिसने चार लेन के ओवरब्रिज का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके बन जाने से हाईवे से धनौरा, चांदपुर, बिजनौर की दूरी कम होगी।
गजरौला में वर्ष-1985 से औद्योगिक इकाइयों की स्थापना शुरू हुई। यहां पर इस समय फेस-1, फेस-2 और फेस-3 में छोटी-बड़ी 29 फैक्टरी हैं। इसके अलावा दूध की डेयरी, आटा मिल, उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण का गोदाम, दो आईटीआई संस्थान, पुलिस चौकी, बिजली विभाग की कार्यशाला, बीएसएनएल का ऑफिस, एफसीआई का गोदाम और कई ट्रांसपोर्ट भी हैं। औद्योगिक क्षेत्र में पांच हजार की आबादी निवास करती है। 15 हजार से अधिक श्रमिक काम करते हैं। मगर औद्योगिक क्षेत्र के विकास में दिल्ली-लखनऊ रेलवे लाइन अड़चन बनी है। फेस-2 और फेस-3 में स्थापित फैक्टरियों के बीच रेलवे लाइन होने के कारण श्रमिकों और वाहनों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस परेशानी को दूर करने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने रेलवे लाइन पर ओवरब्रिज बनाने का निर्णय लिया।
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यूपीसीडा के बरेली के क्षेत्रीय प्रबंधक मंसूर कटियार, सहायक प्रबंधक धर्मेंद्र कुशवाह, रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर (कार्य) नवीन पाल ने इसी साल जुलाई में ब्रेस्ट क्रॉप (केमचूरा) फैक्टरी के निकट रेलवे लाइन पर ओवरब्रिज बनाए जाने के लिए मुआयना किया और अपनी रिपोर्ट यूपीसीडा के आला अफसरों को भेजी, जिसको मंजूरी देने के बाद यूपीसीडा के वरिष्ठ अफसरों ने उत्तर प्रदेश सेतु निगम की गाजियाबाद इकाई को ओवरब्रिज के लिए कार्यदायी संस्था नामित कर प्रस्ताव तैयार कराया। उसने चार लेन के ओवरब्रिज पर 92 करोड़ रुपये खर्च आने का आकलन करते हुए अपनी रिपोर्ट यूपीसीडा को भेजी। यूपीसीडा ने 91 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। ब्लॉक प्रमुख मीनाक्ष चौधरी, रियल स्टेट कारोबारी रॉकी कालरा, कॉलेज संचालक रविराज बौद्ध, जुबिलेंट के जनसंपर्क निदेशक सुनील दीक्षित, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पति भूपेंद्र सिंह का कहना है कि ओवरब्रिज बन जाने से उद्योगों का विकास होगा। लोगों की परेशानी दूर होगी।




ओवरब्रिज बन जाने से कम होगी दूरी और बचेगा समय
गजरौला। औद्योगिक क्षेत्र में रेलवे लाइन पर ओवरब्रिज बन जाने से जहां औद्योगिक इकाइयों का विकास होगा, वहीं हाईवे से धनौरा, बछरायूं, चांदपुर, बिजनौर आने जाने के लिए वाहनों को नगर में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वह ओवरब्रिज से फैक्टरी इलाके से निकल कर गंतव्य को रवाना होंगे। हर समय बंद मिलने वाले फाजलपुर फाटक और इंदिरा चौक व चौपला के जाम में नहीं फंसेंगे। श्रमिकों को रेलवे लाइन पार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जिससे हर समय हादसे का डर रहता है। फाजलपुर फाटक को पार करने की बजाय तेवा फैक्टरी के सामने से ही सीधे ओवरब्रिज से रेलवे लाइन को पार हो सकेंगे। समय बचेगा और दूरी कम होगी।
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कार्तिक पूर्णिमा के श्रद्धालुओं के लिए होगा सबसे अधिक फायदा
गजराैला। फैक्टरी इलाके में रेलवे लाइन पर ओवरब्रिज बन जाने से सबसे अधिक फायदा हर साल कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले तिगरी गंगा मेले के उन लाखों श्रद्धालुओं को होगा, जो फाजलपुर रेल फाटक बंद हो जाने पर घंटों तक जाम में फंसे रहते हैं। वह नगर में आने की बजाय फैक्टरी इलाके से ओवरब्रिज को पार कर तिगरी गंगा मेले में पहुंच सकेंगे। ज्येष्ठ दशहरा और पितृ विसर्जन व अन्य अमावस्या और पूर्णिमा पर स्नान के लिए भी श्रद्धालुओं को फाटक खुलने का इंतजार करना नहीं पड़ेगा।
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