अमरोहा। बहराइच व लखीमपुर से बच्चों को लाकर अमरोहा में बेचने का मामला सामने आया है। इनको घरों में मजदूरी करने के लिए बेचा गया। प्रत्येक बच्चे की कीमत साढ़े सात हजार रुपये लगाई गई। जानकारी पर पहुंची बाल कल्याण समिति व अन्य विभागों की टीम ने चार बच्चों को चककालीलेट पट्टी से बरामद कर लिया। इनमें दो बच्चे लखीमपुर के रहने वाले हैं जो तहेरे-चचेरे भाई है। वहीं, दो बहराइच के हैं जो ममेरे-फुफेरे भाई है। टीम को बच्चों को यहां लाकर बेचने वाले बहराइच के मुकेश की तलाश है।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अतुलेश भारद्वाज ने बताया कि देहात थानाक्षेत्र के चककालीलेट पट्टी गांव में चार बच्चों के खरीद-फरोख्त की सूचना मिली थी। जानकारी पर वह, चाइल्ड हेल्पलाइन के प्रभारी मुकेश, संरक्षण इकाई के कर्मचारी मुकेश व सपोर्ट पर्सन कमलेश के अलावा एएचटीयू और देहात पुलिस को लेकर गांव पहुंचे और एक घर से चार बच्चों को बरामद किया। सभी की उम्र 10 से 15 साल है।
अतुलेश भारद्वाज ने बताया कि इन बच्चों को बहराइच का रहने वाला मुकेश लेकर आया था। जानकारी मिली है कि यह सिर्फ चार ही बच्चे नहीं हैं बल्कि मुकेश बहराइच से दस बच्चे लेकर आया था। उसने बरामद हुए चार बच्चों का सौदा 30 हजार रुपये में किया था। फिलहाल आरोपी मुकेश नौगांवा सादात क्षेत्र के किसी गांव में रुका है। उधर बाल कल्याण समिति की टीम बच्चों के परिजनों से संपर्क साध रही है। शुक्रवार को बच्चों का मेडिकल कराने के बाद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा सकता है।
दो का चककालीलेट पट्टी में हुआ था सौदा, दो अन्य गांव में भेजने की थी तैयारी
अतुलेश ने बताया कि दो बच्चों का सौदा चककालीलेट पट्टी गांव निवासी महिला से हुआ था जबकि दो को किसी दूसरे गांव भेजने की तैयारी थी। चारों बच्चों को बेचकर मिली रकम मुकेश ने अपने पास रख ली है। फिलहाल मुकेश को पकड़ने की कोशिश की जा रही है। उससे पूछताछ में ही पता चलेगा वह बहराइच से बच्चों को लाकर क्यों बेचता है। क्या इसमें परिवार वालों की सहमति होती है। अभी तक मुकेश ने कितने बच्चों को बचा है इसका भी पता नहीं है। अतुलेश ने बताया कि शुक्रवार को बच्चों का मेडिकल कराया जाएगा। बच्चों के परिजनों से संपर्क किया जा रहा है, उनके आने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी। बच्चों को लाकर मजदूरी के लिए बेचने का गंभीर मामला है।
बच्चों को दस दिन पहले बहराइच से लेकर आया था आरोपी
बच्चों ने बताया कि मुकेश उन्हें दस दिन पहले अमरोहा लेकर आया था। उसने खर्चे के लिए रुपये भी नहीं दिए। जिनको बेचा गया था उनके घर और खेतों में काम करने की बात कही गई थी।
-
अलग-अलग परिवारों के हैं चारों बच्चे
अतुलेश भारद्वाज ने बताया कि जानकारी करते समय पता चला कि चारों बच्चे अलग-अलग परिवार के हैं। उनके माता-पिता भी मेहनत मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करते हैं।
- बाल कल्याण समिति ने कुछ बच्चों को बरामद किया है। बच्चों को अपने परिवार वालों से बात होती थी। मामले में बाल कल्याण समिति की शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - अमित कुमार आनंद, एसपी