अमरोहा। बरेली के लिए निकलने से पहले ही पूर्व सांसद दानिश अली को पुलिस ने रोक लिया। उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया गया। उनके घर के बाहर पुलिसकर्मी तैनात हो गए। इस दौरान पूर्व सांसद व पुलिसकर्मियों के बीच नोकझोंक भी हुई। पुलिस को शक था कि पूर्व सांसद के बरेली जाने से कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है। पूर्व सांसद बरेली प्रकरण में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर बरेली जा रहे थे। पूर्व सांसद ने कहा कि बरेली में सुनियोजित हिंसा हुई है। बेकसूर लोगों का दमन किया जा रहा है।
बुधवार सुबह पूर्व सांसद दानिश अली को बरेली जाना था। इसलिए वह मंगलवार को दिल्ली से आकर अमरोहा आवास पर रुके थे। ृअमरोहा पुलिस को पूर्व सांसद के बरेली जाने की भनक लगी तो उनके घर के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। बैरिकेडिंग कर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिसकर्मी भी लगाए गए।
पूर्व सांसद कुंवर दानिश अली ने इस कार्रवाई पर कहा- बरेली में सुनियोजित हिंसा हुई है और बेकसूर लोगों का दमन किया जा रहा है। हम वहां के पीड़ितों से मिलकर वहां के स्थानीय प्रशासन से यह कहने के लिए जा रहे थे कि आप लोगों पर जुल्म न करें और मामले की निष्पक्ष जांच करें। उन्होंने कहा कि बरेली में हुए बवाल में बेगुनाह लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है उनके घर तोड़े जा रहे हैं। लोकतंत्र के अंदर ऐसा पहले कभी देखने को नहीं मिला। कहा कि हम अकेले जा रहे थे, हम वहां जाकर सिर्फ शांति की अपील करती थी। यहां से भी लोगों को मैसेज दे रहे हैं कि बहकावे में न आएं। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद और हम सात आठ लोगों का डेलिगेशन बरेली जाना चाहता था लेकिन हमें जाने नहीं दिया गया।
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दमनकारी नीति छोड़िए : दानिश
पूर्व सांसद दानिश अली ने कहा कि भाजपा सरकार को और उत्तर प्रदेश की पुलिस को हम चेतावनी दे रहे हैं कि यह दमनकारी नीति छोड़िए। नाइंसाफी और दमन ज्यादा दिन तक नहीं चलता। इस देश में बाबा साहब डॉ. आंबेडकर जी ने जो संविधान दिया है उसमें सबको बराबरी का हक दिया है, आज संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
आज संविधान के निर्माताओं की आत्मा रो रही होगी कि क्या हमने ऐसा संविधान इसलिए बनाया था। जिन्होंने इस देश की आजादी के लिए कुर्बानियां दीं, आज उनकी रूह रो रही होगी। मुख्यमंत्री इस तरीके की भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, अरे आप चुने हुए मुख्यमंत्री हैं। पूरे उत्तर प्रदेश की आवाम के आप रिप्रेजेंटेटिव हैं, लेकिन आप जिस तरीके की भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, मुझे शर्म आती है कि वह मेरे प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। हम आंबेडकर के अनुयाई हैं। हम मौलाना आजाद के अनुयाई हैं।
पूर्व सांसद दानिश अली के बरेली जाने की सूचना मिली थी। आशंका थी कि इससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है। इसी कारण एहतियातन यह कदम उठाया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अशांति को रोका जा सके। - अवधभान भदोरिया, सीओ, नौगांवा सादात