अब जाकर जंगल की सरकारी जमीन से कब्जा हटने की उम्मीद जागी है। बृहस्पतिवार को दोनों राजस्व लेखपालों की मौजूदगी में सर्वेयर ने राजस्व और वन विभाग के नक्शे का मिलान करते हुए वन विभाग की जमीन को चिह्नित किया। प्रथम दृष्टया सरकारी जमीन पर कब्जे की बात कही जा रही है। ठिया बंदी भी की गई। अब जमीन पर खड़ी फसल पर ट्रैक्टर चलवाने की तैयारी है। इसी के साथ कब्जेदारों पर जल्द ही एफआईआर कराने का फैसला किया गया है।
हसनपुर तहसील क्षेत्र के बिहारीपुर-पथरा और जेबड़ा ऐतमाली में करीब 53 सौ बीघा से अधिक जमीन पर एक दशक से कब्जा है। इस जमीन पर फसल उगाई जा रही है। अमर उजाला ने इस तरफ ध्यान खींचा तो अफसर हरकत में आए। जांच में कब्जा कराने में अधिकारियों की मिलीभगत सामने आने पर डिप्टी रेंजर हरीश मेहता और फारेस्टर सुरेश राम को सस्पेंड कर दिया गया। बाद में मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
यह मामला लखनऊ तक पहुंचा तो प्रधान मुख्य वन संरक्षक रूपक डे ने मुख्य वन संरक्षक बरेली जोन अरविंद कुमार गुप्ता और वन संरक्षक/क्षेत्रीय निदेशक आरपी वर्मा से रिपोर्ट तलब कर ली। इसके बाद अब बृहस्पतिवार को सर्वे कार्य आगे बढ़ाया गया।
सर्वेयर बहुरन लाल, डिप्टी रेंजर हरदेव सिंह, डिप्टी रेंजर राम सिंह कुरील, वन रक्षक पलटराम, वन रक्षक/सहायक राजपाल सिंह, शहबाजपुर के राजस्व लेखपाल घासी सिंह को साथ लेकर जेबड़ा ऐतमाली के जंगल में देहरी गुर्जर वन ब्लाक पहुंचे। यहां राजस्व विभाग और वन विभाग के नक्शे का मिलान करते हुए सर्वे कार्य आगे बढ़ाया।
जमीन को चिह्नित करते हुए ठियाबंदी की गई। इस दौरान वन विभाग की जमीन पर कब्जे की पुष्टि हुई। कब्जा की गई सैकड़ों बीघा जमीन को चिह्नित किया गया। वन अफसर शुक्रवार से कब्जा की जमीन पर ट्रैक्टर चलवाने की पूरी तैयारी में हैं। अफसरों के मुताबिक कब्जेदारों पर जल्द ही विभागीय कार्रवाई के साथ थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
डिप्टी रेंजर हरदेव सिंह ने बताया कि जेबड़ा ऐतमाली के जंगल में सर्वेयर के साथ वन विभाग की टीम सुबह दस बजे ही पहुंची, दोनों राजस्व लेखपालों की मौजूदगी में राजस्व नक्शे से मिलान करते हुए जमीन को चिह्नित किया गया। शुक्रवार को अवैध रूप से उगाई गईं फसलों पर ट्रैक्टर चलवाने की तैयारी है। कब्जेदारों को एफआईआर भी कराई जाएगी।