अमरोहा। फास्ट फूड के अधिक सेवन से छात्रा अहाना की मौत के बाद आखिरकार खाद्य सुरक्षा विभाग जागा और कार्रवाई शुरू की। डीएम के निर्देश पर सोमवार को शहर में अभियान चलाते हुए कई ठेलों की खाद्य सामग्रियों की जांच करते हुए नमूने एकत्र किए।
फास्ट फूड खाने का शौक 11वीं की छात्रा अहाना (16) की जान पर भारी पड़ गया था। चाऊमीन, मैगी, पिज्जा- बर्गर खाने से उसकी आंतें खराब हो गईं, उनमें छेद हो गए थे। निजी अस्पताल में छात्रा का ऑपरेशन कराया गया था, इसके बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका था। दिल्ली एम्स में इलाज के दौरान छात्रा की मौत हो गई थी। छात्रा अहाना अमरोहा नगर के मोहल्ला अफगानान में रहने वाले मंसूर खान की बेटी थी तथा हाशमी गर्ल्स इंटर कॉलेज में कक्षा 11 की छात्रा थी। फास्ट फूड के अधिक सेवन से छात्रा की मौत के बाद अमर उजाला ने 23 दिसंबर के अंक में प्रमुखता से इस मुद्दे को उठाया था। डीएम निधि गुप्ता वत्स ने भी खाद्य सुरक्षा विभाग को लोगों को जागरूक करने तथा नमूने लेकर जांच करने के निर्देश दिए थे।
डीएम के निर्देश पर स्कूलों में भी जागरूकता अभियान चलाए गए तथा सोमवार को खाद्य सुरक्षा विभाग टीम ने मोहल्ला मंडी चौब, मोहल्ला कुरैशी, बड़ा बाजार, जामा मस्जिद क्षेत्र सहित बंबूगढ़ चौराहे पर रोडवेज बस अड्डे के सामने लगे फास्ट फूड ठेलों की जांच की। इस दौरान मोमोज, बर्गर, चाऊमीन, पकौड़ी, जलेबी, समोसे, पावभाजी और पानीपुरी के ठेलों की गहनता से जांच की गई। खाद्य पदार्थों के निर्माण में प्रयोग किए जा रहे चटनी और सॉस की गुणवत्ता की भी जांच की गई। जांच के दौरान सॉस एवं मोमोज के नमूने लेकर प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजे गए हैं। निरीक्षण टीम में सहायक आयुक्त खाद्य विनय कुमार अग्रवाल के साथ खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरविंद कुमार, मनोज कुमार, कुलदीप कुमार और विपिन कुमार आदि मौजूद रहे। सहायक खाद्य आयुक्त ने बताया कि अभियान आगे भी जारी रहेगा।
आईएमए भी चलाएगा जागरूकता अभियान
छात्रा अहाना की मौत के बाद इंडियन मेडिकल एसोसिएशन भी आगे आया है। आईएमए के डॉ. देवेंद्र सिरोही ने बताया कि फास्ट फूड से बच्चों को बचाने के लिए जागरूक किया जाएगा। इसके लोए स्कूलों में बच्चों को फास्ट फूड से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में बताया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह एक दुखद घटना है।
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