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गजरौला की नर्सरी देश भर में गुलजार, 100 करोड़ से अधिक का कारोबार

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गजरौला (अमरोहा)। क्षेत्र में नर्सरी का कारोबार दिन प्रतिदिन परवान चढ़ रहा है। यहां स्थित 500 से अधिक नर्सरियों में खिले फूल और तैयार हो रहीं पौधे देश भर में गुलजार हो रहे हैं। औसतन यहां सौ करोड़ रुपये प्रतिवर्ष से अधिक का कारोबार किया जाता है। कारोबारियों की यदि मानें तो देश से सभी पांच और सात सितारा होटलों में गजरौला से गए पेड़-पौधे ही शान बढ़ा रहे हैं।
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नौशे खां नर्सरी पर मौजूद माली ने बताया कि इन दिनों यहां गूगन बेल की सबसे अधिक मांग है। यह पौधा तीन वैरायटी में है। रानी कलर और सफेद रंग के साथ ही इसकी तीसरी वैरायटी नायाब है। एक ही गमले में एक ही पेड़ पर सफेद और गुलाबी रंग की आकर्षक पत्तियां हैं। पूना वाला गुल्हड़, कलकत्ता के बीस से अधिक रंगों के गुलाब, ग्रीन साइप्रस, गोल्डन मोरपंखी, मधुकामिनी, बोनसाइज साइप्रस, गोल्डन साइप्रस, पैंसिल पाइन, एरोकेरिया (क्रिसमस ट्री) की सबसे अधिक मांग है। ग्रीन व्यू फार्म्स एंड नर्सरी के संचालक मुकेश गोयल ने बताया कि गजरौला का नर्सरी कारोबार जनपद अमरोहा की अर्थव्यवस्था का बड़ा अंग है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में सौ करोड़ से अधिक का वार्षिक कारोबार होता है। अकेले उनकी ही नर्सरी में एक करोड़ से अधिक का टर्न ओवर है।
बता दें कि जनपद अमरोहा में तहसील मंडी धनौरा के ब्लॉक गजरौला में बड़े पैमाने पर नर्सरी का कारोबार होता है। नगर के साथ ही गांव सिहालीजागीर, छोया, कटाई, भीकनपुर, लिसड़ई, मनौटा, खादगूजर, मझोला, फौंदापुर, सिहाली मेव, चकनवाला, ख्यालीपुर, कांकाठेर आदि में पांच सौ से अधिक छोटी-बड़ी नर्सरी हैं। सबसे अधिक नर्सरी गजरौला-हसनपुर मार्ग पर गांव सिहाली जागीर के आसपास हैं। नर्सरी संचालकों के मुताबिक यहां से सीजन में औसतन 70 से 100 ट्रक पेड़-पौधे प्रतिदिन दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, पंजाब, उत्तराखंड आदि राज्यों के साथ ही नोएडा, गाजियाबाद, अमरोहा, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ आदि स्थानों पर जाते करते हैं।
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