गजरौला के गांव ओसीदा जग्देपुर मार्ग पर गंगा का पानी आने से यूं गुजर रही भैंसा गाड़ी।
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उत्तराखंड के पहाड़ों और मैदानी इलाकों में बारिश जारी है। इससे हरिद्वार-बिजनौर बैराज से रोजाना पानी छोड़ा जा रहा है। नतीजतन गंगा में उतार-चढ़ाव के साथ उफान भी जारी है। इधर, इन हालात में गंगा ने कटान भी शुरू कर दिया है। गंगा खेतों को काटते हुए ओसीदा जगदेवपुर गांव की तरफ बढ़ रही हैं। हालांकि, पिछले दिन के मुकाबले जलस्तर में मामूली कमी दर्ज की गई, लेकिन खतरा अभी बरकरार है।
बुधवार को हरिद्वार बैराज से 62369 क्यूसेक और बिजनौर बैराज से 99139 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे गंगा में उफान जारी है। इधर जलस्तर में मामूली गिरावट दर्ज की गई, आज ब्रजघाट का जलस्तर 198.10 मीटर और तिगरी का जलस्तर 200.80 मीटर दर्ज किया गया, जबकि पिछले दिन ब्रजघाट का जलस्तर 198.20 मीटर और तिगरी का जलस्तर 200.85 मीटर रिकॉर्ड किया गया था7 इससे बाढ़ का खतरा अभी बरकरार है।
नदी अभी भी खतरे के निशान क्रमश: 199.34 मीटर और 202.20 मीटर के काफी करीब है। इससे ब्रजघाट और तिगरी के बीच स्थित खादर ग्राम ओसीदा जगदेवपुर में हालात खतरनाक स्थिति में हैं। आलम ये है कि खेतों में घुसा गंगा का पानी लगातार बढ़ता जा रहा है। जिससे ग्रामीणों को अपने-अपने खेतों पर जाने के लिए करीब चार फीट गहरे पानी से होकर गुजरना पड़ता है।
वहीं गांव के मुख्य मार्ग पर गंगा के पानी के भराव का आलम ये है कि यहां भैंसा गाड़ी भी पानी में डूब कर निकलती है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल यहां गंगा का पानी उतर आता है। इसी तरह बारिश हुई तो कई गांव से संपर्क टूट जाएगा।