संभल। हयातनगर थाना क्षेत्र के सरायतरीन निवासी आलम की बहन आसमा और चार भांजियों के शव शुक्रवार की सुबह करीब साढ़े दस बजे सरायतरीन के कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक किए गए।
बृहस्पतिवार की देर रात शव सरायतरीन पहुंचे थे। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया। दफन के दौरान काफी संख्या में लोग शामिल रहे। एक ही परिवार के पांच जनाजाें को देखकर हर आंख नम दिखाई दी और हत्या के आरोपी पिता-पुत्र को कोसते नजर आए। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया।
आलम ने कहा कि उसकी बहन 26 वर्ष पहले दुल्हन बनकर गई थी। ऐसा नहीं सोचा था कि उसके जनाजे को भी घर से ही लेकर कब्रिस्तान तक जाना पड़ेगा। आलम ने कहा कि बहन आसमा और चारों भांजी अल्शिया (19), रहमीन (18), अक्सा (16) और आलिया (9 ) को न्याय मिलना चाहिए। आरोपी पिता-पुत्र को सख्त सजा मिले। जिससे ऐसी कोई दूसरी घटना न हो सके। आलम ने बताया कि वह आर्थिक रूप से कमजोर हैं। कहा जब बहन की शादी हुई थी तब वह भी छोटे थे। बताया कि शादी के बाद आसमा के चार बेटी व एक बेटे का जन्म हुआ। शादी के बाद जब तक वह जिंदा रही, परेशानी ही उठानी पड़ी। अब बेटे और पति ने ही हत्या कर दी और रहम नहीं खाया। वहीं, दूसरी ओर पांच जनाजे घर से निकले तो एहतियाती तौर पर पुलिस सुरक्षा के लिहाज से तैनात रही।