गजरौला(अमरोहा)। वन विभाग की टीम को तालाब में छिपे मगरमच्छ को पकड़ने के लिए तीन दिन इंतजार करना पड़ा। टीम ने जाल लगाकर रातभर निगरानी की। मंगलवार सुबह मगरमच्छ तालाब से बाहर निकला और जाल में फंस गया। ग्रामीणों की मदद से उसे रेस्क्यू कर गंगा में छोड़ दिया गया।
हसनपुर रेंज के गांव कुदैना की ग्राम प्रधान ओमवती ने बताया कि ग्राम पंचायत का मजरा चक गांव से लगा है। सड़क के बराबर स्थित तालाब में गांव का पानी जाता है। ग्रामीणों ने कई बार मगरमच्छ देखे जाने की जानकारी दी थी। बाद में उनके बेटे रोहताश ने भी मगरमच्छ को तालाब किनारे देखा। पड़ोसी सोमपाल और सोमवीर ने भी इसकी पुष्टि की।
इसके बाद ओमवती ने आठ जुलाई को हसनपुर रेंजर के सिहाली जागीर स्थित कार्यालय में शिकायत कर मगरमच्छ पकड़वाने की मांग की। उसी दिन टीम गांव पहुंची और तालाब किनारे जाल लगाया। मगरमच्छ दिखाई दिया, लेकिन जाल में नहीं फंसा। नौ जुलाई को दिन-रात जाल लगा रहा। दस जुलाई की रात भी टीम निगरानी करती रही।
मंगलवार सुबह करीब पांच बजे मगरमच्छ तालाब से बाहर निकला और जाल में फंस गया। टीम ने ग्रामीणों की मदद से नाव मंगाकर उसे रेस्क्यू किया।
हसनपुर रेंजर नरेश कुमार ने बताया कि मगरमच्छ की लंबाई पांच फीट से अधिक थी। उसे गंगा में छोड़ दिया गया है।