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Amroha News: दिन में बेचते थे कुर्सी, रात में चुराते थे बिजली के तार, पांच गिरफ्तार

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बाराबंकी(अमरोहा)। थाना सफदरगंज और क्राइम ब्रांच की स्वाट व सर्विलांस टीम की संयुक्त टीम ने विद्युत उपकेंद्रों से तार चोरी करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने सरगना समेत पांच शातिरों को गिरफ्तार किया है, जबकि चार अन्य की तलाश जारी है।
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रविवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेस-कांफ्रेंस में एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि दिसंबर के अंतिम सप्ताह में सफदरगंज क्षेत्र के पड़रा विद्युत उपकेंद्र से कई क्विंटल तार चोरी हुआ था। मामले की जांच के दौरान सर्विलांस की मदद से आरोपियों की पहचान की गई। पुलिस ने रामपुर जिले के अफजलपुर पट्टी थाना शहजादनगर निवासी इरफान अली उर्फ मुजफ्फर, यहीं के महतोष थाना खजुरिया के आरिफ, पीलीभीत के नौगंवा थाना सुनगढ़ी निवासी आसिफ, बरेली के बहेड़ी थाना क्षेत्र के रुड़की गांव निवासी वसीम व गुलरिया के परवेज को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने इनके कब्जे से करीब पांच क्विंटल एल्युमिनियम तार, 1.9 क्विंटल तांबे का तार, 3.17 क्विंटल केबल छिलका, पिकअप वाहन, पांच बाइक व कुर्सियां तथा तार काटने के उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य दिन में बाइकों पर प्लास्टिक की कुर्सियां लादकर गांवों में घूमते थे और इसी बहाने विद्युत उपकेंद्रों की रेकी करते थे। रात में उपकेंद्रों में घुसकर तार काट लेते थे। चोरी का सामान लखनऊ के एक गोदाम में ले जाकर केबल छीलकर धातु अलग की जाती थी और बाद में दिल्ली के कबाड़ बाजार में भेजा जाता था।
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गिरोह का सरगना इरफान अली है। उसके विरुद्ध अमरोहा में चार तथा बरेली और बाराबंकी में एक-एक मामला दर्ज है। आसिफ पर अमरोहा में तीन और बाराबंकी व बरेली में एक-एक, आरिफ पर ग्रेटर नोएडा और बाराबंकी में दो मामले दर्ज हैं। अन्य आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है। गिरोह के अन्य सदस्य नूर हसन, जावेद, वाहिद और सुनील निवासी शहजादनगर रामपुर फरार हैं।



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गूगल पर सर्च करते थे उपकेंद्र व रास्ते

एसपी के अनुसार यह गिराेह गूगल पर उपकेंद्र व रास्तों को सर्च करते थे। अपने साथ पिकअप वाहन व कार लेकर जाते थे। दिन में कुर्सी बेचने के दौरान बाइक से रेकी करते थे। रात में कार व पिकअप लेकर निकलते थे।



थानाध्यक्ष अमर कुमार चौरसिया ने बताया कि यह गिराेह गुड़गांव व हरियाणा के अन्य इलाकों में सक्रिय था। एक आरोपी ने बताया कि जब इनके साथियों ने लखनऊ-बाराबंकी की ओर रूख किया तो उसने रोका था कि यहां अपराध करने पर पुलिस गोली मरती है, मगर नहीं माने।
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