गजरौला के मोहल्ला मायापुरी में स्थित न्यू लाइफ नशा मुक्ति केंद्र में फरार होने से पूर्व 23 रोगियो?
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गजरौला(अमरोहा)। नशामुक्ति केंद्र में नशे की लत छुड़ाने के लिए उपचाराधीन रोगियों ने जमकर उत्पात मचाया। इन्होंने पहले कमरे में रखी रजाइयों में आग लगाई और धुआं उठते देख शोर मचा दिया। केंद्र की देखरेख करने वाले ने जैसे ही दरवाजा खोला। भीतर मौजूद 23 रोगी उसे धक्का देते हुए बाहर निकलकर फरार हो गए। इनमें कुछ रोगियों के पास चाकू भी थे। इसके बाद भीतर कमरों से आग की लपटें उठती देख पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई।
शुक्रवार की सुबह सवेरे बस्ती मायापुरी में स्थित न्यू लाइफ नशामुक्ति केंद्र के संचालक मूल रूप से अलीगढ़ निवासी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि यह नर्सिंग होम अजय पाल सिंह का है जो कि उसने लगभग डेढ़ माह पूर्व किराए पर लिया है। धर्मेंद्र के मुताबिक यहां संभल, जोया, मुरादाबाद, मंडी धनौरा आदि के 23 लोगों का नशामुक्ति का उपचार चल रहा था। गुरुवार की रात लगभग पौने एक बजे यहां मौजूद रोगियों ने भीतर कमरे में लकड़ी के तख्त पर रखी रजाई और कपड़ों में आग लगा दी। आग भड़कते ही उन्होंने शोर मचा दिया। धुआं और लपटें उठती देख मेनगेट के बाहर मौजूद रिंकू और इमरान घबरा गए और दरवाजा खोल दिया। इसके बाद रोगी दोनों को चाकू दिखाकर वहां से फरार हो गए। धर्मेंद्र के मुताबिक 12 रोगी अपने-अपने घर पहुंच गए हैं। शेष 11 की तलाश कराई जा रही है। इंस्पेक्टर आरपी शर्मा ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
गनीमत रही नहीं फटा गैस सिलिंडर
गजरौला। नशा मुक्ति केंद्र के भीतर रसोई में गैस सिलिंडर भी रखे हुए थे। गनीमत रही कि सिलिंडर नहीं फटे। हालांकि आग इस कदर विकराल हो चुकी थी कि दमकल को बुझाने के लिए दो घंटे से अधिक का समय लगा। मुख्य अग्निशमन अधिकारी के वर्मा ने बताया कि यदि सिलिंडर फट जाते तो हालात बेकाबू हो सकते थे।
केंद्र की देखरेख नशेड़ियों के जिम्मे
गजरौला। नशा मुक्ति केंद्र की देखरेख करने वाला एक शख्स खुद नशे की हालत में मिला। जानकारी करने पर बोला कि वह भी पहले यहीं भर्ती था। इलाज के बाद सुधार हुआ तो उसे ही यहां की देखरेख का जिम्मा दे दिया गया। बात करते करते वह नशे में था। उसकी मनोदशा देश पुलिसकर्मी भी हैरान नजर आए।