अमरोहा के जोया में नए साल के पहले ही दिन हाईवे पर कोहरे के कारण वाहन रेंगते रहे।
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नव वर्ष के पहले दिन कोहरे व ठिठुरन ने जमकर कहर बरपाया। घने कोहरे व गलन से पूरे दिन लोग ठिठुरते रहे। कोहरे की वजह से दोपहर तक लोग जहां वाहनों की लाइटें जलाकर चलने को विवश हुए, वहीं कड़ाके की ठंड के बीच छात्र-छात्राओं को कांपते हुए स्कूल जाना पड़ा। हालांकि दोपहर बाद खिली धूप से लोगों को कुछ राहत मिली।
लगातार मौसम का मिजाज बदल रहा है। कभी कोहरा तो कभी धूप वाला दिन हो जाता है। शीतलहर को देेखते हुए प्रशासन ने आर्थिक रूप से कमजोर व असहाय लोगों को कंबल बांटे। सोमवार को नव वर्ष यानि वर्ष 2018 की पहली सुबह जब लोग बिस्तर से उठे तो चारों ओर घना कोहरा ही पाया। बिन बारिश लोगों ने कोहरे के कारण बूंदाबांदी का अहसास महसूस किया। कोहरे की वजह से गलन और बढ़ गई। दोपहर तक सड़कों पर लोग अपने वाहनों की लाइट जलाकर धीमी गति से निकले। कड़ाके की ठंड के बीच छात्र-छात्राएं ठिठुरते हुए स्कूल-कॉलेज गए। मजदूरों व नौकरीपेशा लोगों को कोहरे व ठिठुरन बढ़ने से परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर में सूर्यदेव का दीदार हुआ तो लोगों ने गुनगुनी धूप का आनंद उठाया।
नेशनल हाईवे पर रविवार की तरह ही सोमवार को भी सुबह को भी कोहरे का कब्जा रहा। सुबह 11 बजे के बाद कोहरा छंटना शुरू हुआ। जिससे वाहनों को रेंगरेंगकर चलना पड़ा। इससे लोगों को काफी राहत मिली।
नववर्ष की पहली सुबह यानि सोमवार को वातावरण में चारों तरफ कोहरा छाया हुआ था। गंगा किनारे कोहरे का प्रकोप अधिक होने यहां नेशनल हाईवे पर वाहनों की रफ्तार को ब्रेक लग गया। बीस मीटर दूरी का भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था। स्टेट हाईवे से लेकर नेशनल हाईवे तक वाहन चालकों ने अपने वाहनों की हैडलाइट जलाकर सफर करना मुनासिब समझा। उधर, कंपकंपाती ठंड के बीच लोग सुबह दस बजे के बाद जरूर कामकाज के लिए बाहर निकल सके।