शार्ट सर्किट से रविवार तड़के काॅटन के कारखाने में आग लग गई। कुछ ही देर में आग की ऊंची-ऊंटी लपटें उठने लगी। अंदर काम कर रहे मजदूरों ने किसी तरह भागकर जान बचाई। दहशत में आसपास के घरों के लोग भी बाहर निकल गए। सूचना के करीब तीन घंटे बाद दमकल कर्मी पहुंचे और करीब साढ़े सात घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि, तब तक कारखाने में रखा सामान जलकर राख हो गया। कारखाना मालिक ने आगजनी से करीब 20 लाख का नुकसान बताया है।
घटना देहात थानाक्षेत्र के गांव मिलक पापड़ी की है। गांव निवासी मोहम्मद फजल का गांव में ही कॉटन कारखाना है। इसमें करीब नौ मजदूर काम कर रहे थे। रविवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे कारखाने में लगे बिजली के मीटर में शार्ट सर्किट हो गया।
इससे निकली चिंगारी कारखाने में रखे रूई के ढेर में आग लग गई। कुछ ही पल में आग पूरे कारखाने में फैल गई। कारखाने से आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। कारखाने में काम कर रहे मजदूर किसी तरह बाहर निकले और कारखाना मालिक को जानकारी दी।
कुछ ही देर में आसपास के लोग भी बाहर निकल आए। सूचना मिलने पर कारखाना मालिक भी मौके पर पहुंचे। घटना की जानकारी दमकल विभाग को दी गई और स्थानीय लोगों की मदद से आग बुझाने की कोशिश करने लगे। जानकारी के करीब तीन घंटे बाद दमकल कर्मी पहुंचे और आग बुझाने लगे।
करीब साढ़े सात घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि गनीमत रही कि कॉटन कारखाने में हुए भीषण अग्निकांंड में कोई हताहत नहीं हुआ। आग के विकराल रूप लेने से पहले ही आग पर काबू करने का प्रयास किया। आग बढ़ती देखकर श्रमिक बाहर की ओर भाग निकले। इससे कोई जनहानि नहीं हुई।