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अमरोहा में कई फीट ऊंची लपटों के साथ धमाकों से दहला महबूब नगर

Sun, 07 Oct 2018 01:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,अमरोहा।
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अमरोहा में कारखाने में धू-धूकर जलती आग पानी की बौछार करता फायर कर्मी। - फोटो : अनिल चौहान
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रात करीब नौ बजे कारखाने में आग लगी लेकिन उस वक्त किसी को पता नहीं लगा। कारीगर खाना खाने गए थे। कारखाने के आसपास आबादी भी ठीक ठाक थी। यहां कारखाना और गोदाम दोनों है। अलमारी और मोमबत्ती बनाने का कच्चा माल और तैयार माल दोनों रखा था। हल्की सी चिंगारी से आग पकड़ने में समय जरूर लगा लेकिन उसे विकराल रूप लेने में जरा भी वक्त नहीं लगा। कई फीट ऊंची लपटें और धमाकों से महबूब नगर दहल उठा। लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और बचने की कोशिश करने लगे। 
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जिस जगह हाजी निजामुद्दीन का कारखाना है वहां आबादी है। कई लोगों मकान हैं। सामने प्लाटिंग हो रही है। रास्ते काफी चौड़े नहीं हैं। संकरे और कच्चे हैं। यहां अलमारी बनाने का सामान, पेंट की बाल्टियां, उसके लिए प्रयोग होने वाला तेल, मोमबत्ती बनाने का कच्चा माल और तैयार माल सभी रखा जाता है। गोदाम होने से तैयार अलमारी भी यहां रखी रहती हैं। कारखाना स्वामी के मुताबिक वह अपने मोहल्ला बटवाल स्थित घर पर थे। फोन पर जैसे ही सूचना मिली तो वह मौके की ओर दौड़े। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि करीब नौ बजे आग लगी होगी। साढ़े नौ बजे करीब अचानक पहला धमाका हुआ तो मोहल्ला दहल उठा। इसके बाद आग ने विकराल रूप ले लिया। आग के गुबार उठे और कई फीट ऊंची लपटें उठने लगीं। डर के कारण लोग घरों से निकल आए। आसपास के मकानों में रहने वाले लोग अपने बीवी - बच्चों को लेकर बाहर खड़े हो गए। सूचना पाकर करीब 20 मिनट में ही दमकल की तीन बड़ी गाड़ियां पहुंच गईं।

सामने से उन्होंने पानी की बौछार की लेकिन तभी अंदर कारखाने से रुक-रुककर कुछ और तेज धमाके हुए। धमाके सुनकर दमकल कर्मी भी खुद को बचाने के लिए पीछे की ओर दौड़े। मौके पर खड़ी भीड़ में भगदड़ मच गई। पीछे दौड़ने में कुछ लोग गिर गए और लोग उन पर चढ़ गए। किसी तरह हालात काबू में आए। धमाके रुकने पर दमकल कर्मी फिर आगे की ओर बढ़े लेकिन इस बार खुद को सुरक्षित रखते हुए कारखाने की इमारत के पीछे की ओर से पानी की बौछार की। रात साढ़े ग्यारह बजे तक भी मौके पर दमकल की तीनों गाड़ियां आग पर काबू पाने का प्रयास कर रही थीं। हालांकि इस हादसे में किसी तरह के जानी नुकसान की बात सामने नहीं आई है। न ही राहत कार्य के दौरान कोई झुलसा है। कारखाना स्वामी ने हाजी निजामुद्दीन ने तीस लाख रुपये के नुकसान का दावा किया है। बताया जाता है कि सूचना पर पुलिस तुरंत नहीं पहुंची।
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