अमरोहा। देहात थानाक्षेत्र के डाईडेरा गांव में रूबी की हत्या के मामले में पुलिस ने पति राम अवतार सिंह समेत चार लोगों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है। मृतका के बेटे ललित कुमार की तहरीर पर राम अवतार के भाई ग्राम प्रशासक सत्य प्रकाश सिंह, अमरचंद और उसके बेटे विपिन को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी राम अवतार सिंह को गिरफ्तार कर रविवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार किया और बेटे ललित कुमार ने मुखाग्नि दी।
राम अवतार शहर के एक निजी विद्यालय में शिक्षक है। उसकी शादी वर्ष 1999 में रूबी से हुई थी। सीओ अवधभान भदौरिया ने बताया कि पति-पत्नी में कई दिनों से विवाद चल रहा था। दो दिन पहले राम अवतार ने पत्नी के खिलाफ पुलिस में शिकायत की थी और घर से चला गया था। शनिवार सुबह ललित, भतीजा टिंकू और अन्य परिजन उसे तलाशकर घर लाए। इसके बाद ललित मुरादाबाद चला गया।
शनिवार शाम करीब सात बजे पति-पत्नी में फिर विवाद हुआ। आरोप है कि राम अवतार ने फावड़े से रूबी की गर्दन पर वार कर दिया। बचाव में उसके हाथ पर भी चोटें आईं। गंभीर चोट के कुछ देर बाद रूबी की मौत हो गई। घटना की सूचना पर ग्रामीण और मायके पक्ष के लोग पहुंचे और हंगामा किया, जिसे पुलिस ने शांत कराया।
एसपी लखन सिंह यादव, एएसपी अखिलेश भदौरिया और सीओ अवधभान भदौरिया ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। फोरेंसिक और फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों ने साक्ष्य जुटाए। सीओ ने बताया कि पूछताछ में राम अवतार ने सिर्फ इतना कहा कि रूबी फोन पर एक रिश्तेदार से बात करती थी। अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
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शक बना रूबी की हत्या का कारण
सीओ सिटी अवधभान भदौरिया ने बताया कि रूबी हत्याकांड के मुख्य आरोपी पति राम अवतार सिंह ने पूछताछ के दौरान घटना को लेकर ज्यादा जानकारी नहीं दी। उसने पुलिस को बताया कि रूबी फोन पर अपने एक रिश्तेदार से अक्सर बातचीत करती थी। राम अवतार को शक था कि रूबी और उसके रिश्तेदार के बीच सामान्य बातचीत से आगे कुछ चल रहा है। इसी संदेह को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद भी होता था। यही शक रूबी की हत्या का कारण बना।