अमरोहा के मोहल्ला दानिशमंदान निवासी मोहम्मद राशिद कुरैशी एडवोकेट का परिवार रहता है। आरोप है कि उनके पिता ने डिडौली में 15 जुलाई 1985 को एक जमीन खरीदी थी। जिसकी चहारदीवारी कराकर गेट लगा दिया था। साथ ही उक्त जमीन को सिंडिकेट बैंक को किराए पर दे दिया और 2014 तक उनके पास रही। इसके बाद मोहम्मद राशिद कुरैशी एडवोकेट और उनके भाई फैज आलम कुरेशी के बीच जमीन का कोर्ट से बंटवारा हुआ। तभी से दोनों भाई अपनी जमीन पर काबिज हैं।
जमीन की रजिस्ट्री होने के बाद से नौशे अली और उनके परिवार का जमीन से कोई ताल्लुक नहीं था। नौशे अली, मुशर्रफ अली, अंगूरी बेगम ने सारी संपत्ति बेचकर खरीदने वालों का कब्जा कर दिया था। लेकिन, मुशर्रफ अली की पत्नी खुशबू ने उत्तराखंड में ऊधमसिंह नगर में दूधिया नगर रुद्रपुर के रहने वाले इस्लामुद्दीन, यही के नई बस्ती खेड़ा रुद्रपुर के रहने वाले मोहम्मद फरीद अहमद, रामपुर जिले के बिलासपुर निवासी गुलामुद्दीन ने एक फर्जी बैनामा किया और पहले से बची हुई जमीन को खुशबू ने अपनी बताते हुए बैनामा कराया।
जबकि, जमीन के बैनामे में दर्शी गई चौहद्दी में मोहम्मद राशिद कुरैशी एडवोकेट की संपत्ति का फोटो लगाया गया है। हकीकत पता चलने पर मोहम्मद राशिद कुरैशी एडवोकेट ने आरोपियों से संपर्क करने की कोशिश की तो उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। आरोप है कि 22 फरवरी 2025 को सभी लोग अवैध वसूली और कब्जा करने के उद्देश्य से जमीन पर आ गए। आरोपियों ने जमीन पर जबरदस्ती कब्जा करने की धमकी दी। पीड़ित मोहम्मद राशिद कुरैशी एडवोकेट ने मामले की शिकायत पुलिस से की। सीओ सिटी अरुण कुमार ने बताया कि मामले में खुशबू, इस्लामुद्दीन, गुलामुद्दीन और मोहम्मद फरीद अहमद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।