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Amroha News: फाइलों में दबकर रह गई 700 परिवारों की आर्थिक मदद

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अमरोहा। जिलेभर में 700 परिवारों को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना की सहायता राशि फाइलों में फंसकर रह गई। कमाऊ सदस्य की मौत के बाद इन परिवारों को सरकार की ओर से 30 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता मिलनी है लेकिन उनके आवेदन सत्यापन प्रक्रिया में अटके हैं, जिससे आर्थिक मदद मिलने में देरी हो रही है।
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वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले के 910 परिवारों को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत 2.73 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है। प्रत्येक पात्र परिवार को 30 हजार रुपये की एकमुश्त राशि दी गई। इसके बावजूद, 700 आवेदन अभी भी लंबित हैं। इन आवेदनों का ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन पूरा होने के बाद मांगपत्र डीएम के माध्यम से शासन को भेजा जाएगा। इसके बाद ही पात्र लाभार्थियों के खातों में धनराशि भेजने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी लेकिन अधिकारियों की टेबलों पर ये फाइलें सत्यापन के नाम पर धूल फांक रही हैं।

कमाऊ सदस्य की मौत के बाद बढ़ जाती हैं परिवार की मुश्किलें

राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का उद्देश्य गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले उन परिवारों को आर्थिक सहायता देना है, जिनके मुख्य कमाऊ सदस्य की मृत्यु हो जाती है। परिवार की आय का प्रमुख स्रोत छिनने के बाद बच्चों की पढ़ाई, भोजन, इलाज और घर के दूसरे खर्चों का प्रबंध करना मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में सहायता राशि मिलने में देरी से परिवारों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।
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सत्यापन के बाद आगे बढ़ती है प्रक्रिया

योजना का लाभ पाने के लिए मृतक की आयु 60 वर्ष से कम होनी चाहिए और मृत्यु के एक वर्ष के भीतर आवेदन करना जरूरी है। आवेदन के साथ मृत्यु प्रमाणपत्र, आधार कार्ड समेत आवश्यक दस्तावेज जमा करने होते हैं। सामान्य और अनुसूचित जाति वर्ग के पात्र परिवारों को योजना का लाभ दिया जाता है।

पारिवारिक लाभ योजना की प्रमुख शर्तें
- सहायता राशि : पात्र परिवार को एकमुश्त 30 हजार रुपये सीधे बैंक खाते में दिए जाते हैं।
- आयु सीमा : मृत्यु के समय मृतक की आयु 18 से 59 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- मुख्य कमाऊ सदस्य : मृतक परिवार का मुख्य कमाऊ सदस्य होना चाहिए।
- ग्रामीण क्षेत्र की आय सीमा : परिवार की वार्षिक आय 46080 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- शहरी क्षेत्र की आय सीमा : परिवार की वार्षिक आय 56460 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- आवेदन की समय-सीमा : परिवार के मुखिया की मृत्यु के एक वर्ष के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है।

अब तक 910 परिवारों के खातों में आर्थिक सहायता राशि भेजी जा चुकी है। वर्तमान में 700 आवेदनों का सत्यापन कराया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) और नगर क्षेत्र में अधिशासी अधिकारी (ईओ) के माध्यम से जांच कराई जा रही है। सत्यापन पूरा होने के बाद पात्र आवेदनों को शासन के पास भेजा जाएगा।
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-पंखुरी जैन, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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