अमरोहा। दिल्ली हाईवे किनारे गजरौला में ट्रामा सेंटर बनाने के लिए फिर स्वास्थ्य विभाग ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। यह प्रस्ताव तीसरी बार भेजा गया है। पिछले कई सालों से यहां ट्रामा सेंटर बनाए जाने की मांग उठाई जा रही है। धनौरा विधायक राजीव तरारा ने विधानसभा में भी मुद्दा उठाया था। इसके अलावा सीएम और डिप्टी सीएम से भी ट्रॉमा सेंटर बनाने की मांग की थी। हालांकि, शासन ने जोया सीएचसी में ट्रामा सेंटर की सुविधा देने की बात की है।
जिले में ब्रजघाट से लेकर चौधरपुर तक करीब 62 किलोमीटर लंबा हाईवे है। ट्रैफिक अधिक होने के कारण हाईवे पर अक्सर हादसे होते रहते हैं। इलाज के बेहतर साधन नहीं होने पर अधिकांश गंभीर हालत वाले मरीज मेरठ व दिल्ली रेफर किए जाते है लेकिन इनमें से कुछ रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। इसे देखते हुए दिल्ली हाईवे पर लंबे समय से ट्राॅमा सेंटर की दरकार है। अगर जिले में ट्रामा सेंटर होता है तो बीते आठ महीने में हुए 200 सड़क हादसों में मरने वाले 125 लोगों की जान बच सकती थी।
उधर, जिले की आबादी के हिसाब से सरकारी अस्पतालों पर न तो दवा है और न ही चिकित्सक हैं। यह हाल शहर का ही नहीं बल्कि गांवों का भी है। जिलों के अस्पतालों में आधुनिक संसाधन मुहैया नहीं हैं जिससे लोगों को बचाया जा सके। इसी तरह कई बार आग में झुलसने के मामले सामने आए थे। झुलसे लोगों के लिए भी जरूरी सुविधाएं नहीं होने के कारण उनको जिला अस्पताल या हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण लोगों की माैत हो जाती है। ट्राॅमा सेंटर बनने से हादसे में घायल लोगों की जान बचाई जा सकती है। इसके लिए तत्कलीन सीएमओ ने साल 2023 में सीएमओ ने दोबारा प्रस्ताव बनाकर डीएम के माध्यम से शासन को भेजा था लेकिन शासन से मंजूरी नहीं मिली। अब सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने तीसरी बार प्रस्ताव भेजा है।
शासन ने जोया सीएचसी को ट्रामा सेंटर बनाने की जताई सहमति
जोया सीएचसी को ही ट्राॅमा सेंटर बनाए जाने की तैयारी है। इस संबंध में शासन से दिशा निर्देश मिले हैं। वहां से डॉक्टर और स्टाफ की सूची मांगी गई थी जिसे भेज करा दिया गया है। इसके अलावा सरकार प्रदेश की सभी जिलों में एक मेडिकल कॉलेज खोलने की तैयारी कर रही है। आने वाले दिनों में अमरोहा जिले में भी मेडिकल कॉलेज खुलेगा। उसमें ही ट्रॉमा सेंटर बनाया जाएगा।
ट्राॅमा सेंटर में यह मिलेंगी सुविधाएं
सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि अगर ट्राॅमा सेंटर बनता है तो उसमें गंभीर मरीजों का इलाज के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी। जिसमें आपरेशन थिएटर, क्रिटिकल केयर एक्सपर्ट, ट्रांसपोर्टबल वेंटीलेटर, सीटी स्केन, ब्लड स्टोरेज यूनिट, पोर्टेबल डिजिटल एक्सरे मशीन, पैथोलाजी, ईको कार्डियोग्राफी, ईसीजी आदि सुविधाएं मिलेंगी।
ट्रामा सेंटर मिले तो जान बचे
दिल्ली हाईवे पर अक्सर हादसे होते रहते हैं। सर्दियों में इसके मामले और भी बढ़ जाते हैं लेकिन नजदीक बेहतर उपचार का इंतजाम न होने से कई बार घायलों की जिंदगी नहीं बच पाती। इस रास्ते पर दुर्घटना होने पर घायलों को मेरठ और मुरादाबाद ले जाना पड़ता है, तब तक अक्सर देर हो जाती है। गजरौला में ट्रामा सेंटर बने तो तकरीबन 50 किलोमीटर की परिधि के लोगों को लाभ मिलेगा। ट्रामा सेंटर होने का लाभ केवल अमरोहा ही नहीं आसपास के जिलों को भी मिलेगा। संभल, चंदौसी, हसनपुर, मंडी धनौरा, अमरोहा, जोया के इलाके में बड़ा हादसा होने पर घायलों को मुरादाबाद, मेरठ, दिल्ली रेफर किया जाता है, जबकि गजरौला की महत्वपूर्ण भौगोलिक स्थिति की वजह से यहां ट्रामा सेंटर बने तो यहां के अलावा सिंभावली और गढ़मुक्तेश्वर को भी फायदा होगा।
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शासन ने जोया सीएचसी को ट्रामा सेंटर बनाने पर सहमति दी है। साथ ही हमने गजरौला में चिह्नित जमीन पर ट्रामा सेंटर बनाने का प्रस्ताव फिर से भेजा है। दोनों जगह ट्रामा सेंटर बनाने की कवायद की जा रही है। गजरौला में सेंटर बनाने के लिए विधायक राजीव तरारा ने मांग की थी। शासन स्तर से जो फैसला लिया जाएगा उसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। -एसपी सिंह, सीएमओ