गजरौला में एनएच-24 पर राम मंदिर के बाहर धूधू कर जलता टैंकर और पास में पड़ा शव।
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गजरौला के एनएच-24 पर नाईपुरा के निकट राम मंदिर के बाहर मंगलवार की रात करीब साढ़े आठ बजे दिल दहला देने वाली घटना हुई। मंदिर के बाहर खड़े शीरे के टैंकर में लगी भीषण आग में पिता-पुत्र की जिंदा जलकर मौत हो गई।
आग इतनी भीषण थी कि फायर सर्विस समेत जुबिलेंट और टेवा कंपनी की भी दमकल बुला ली गई। करीब एक घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान मुरादाबाद से दिल्ली की ओर जाने वाला ट्रैफिक थम गया। जुबिलेंट कंपनी से भानपुर रेलवे क्रासिंग तक और दूसरी ओर शहबाजपुर डोर तक जाम लग गया।
इस दौरान नाईपुरा के लोगों की भीड़ लग गई। करीब साढ़ेे नौ बजे जाम खुल ही पाया था कि भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने डंडा फटकार कर भीड़ को खदेड़ने की कोशिश की। जिससे गुस्साए लोगों ने हाइवे पर जाम लगा दिया। आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टैंकर के बैटरे में फाल्ट होने से आग लगी।
तो कुछ के मुताबिक टैंकर के ऊपर से 32000 की हाईटेंशन लाइन जा रही है। हाईटेंशन लाइन में फाल्ट होने से आग लग गई थी।
नाईपुरा निवासी परवेज (32) पुत्र रहमत अली आजाद रोड लाइंस मेरठ का टैंकर चला कर परिवार का भरण पोषण कर रहा था। बताया जाता है कि परवेज मेरठ से टैंकर में शीरा लेकर वेव डिस्टलरी कंपनी सरसावां जिला अलीगढ़ जाने के लिए निकला था।
यहां देर शाम खाना खाने के लिए घर पर रुक गया। टैंकर राम मंदिर के गेट के पास ही खड़ा कर दिया था। करीब साढ़े आठ बजे परवेज के बच्चे टैंकर पर पहुंच गए। इसी दौरान परवेज भी टैंकर को देखने पहुंचा। तब ही अचानक टैंकर में आग लग गई।
परवेज का छह साल का बेटा उमरु और परवेज दोनों पिता-पुत्र आग की चपेट में आ गए। लपटें इतनी ऊंची थी कि कोई भी उन्हें बचाने का साहस नहीं कर सका। चंद पलों में ही टैंकर के पास दोनों पिता-पुत्र ने दम तोड़ दिया।