अमरोहा। रहरा पुलिस ने गन्ने के खेत में चल रही अवैध शस्त्र फैक्टरी का भंडाफोड़ कर दिया है। पुलिस ने मौके पर मेरठ निवासी सरगना और अमरोहा के पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से बने-अधबने 21 तमंचे और शस्त्र बनाने के उपकरण बरामद हुए हैं। मोटे मुनाफे के लिए अवैध शस्त्रों की तस्करी दिल्ली-एनसीआर, मेरठ मुरादाबाद मंडल के जनपदों में करते थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर न्यायालय में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया है।
मंगलवार को एसपी सुनीति ने शस्त्र फैक्टरी का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि रहरा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि क्षेत्र के गांव बांसका और गंगवार के बीच गन्ने के खेत में अवैध शस्त्र फैक्टरी चल रही है। कुछ लोग यहां शस्त्रों का निर्माण कर रहे हैं। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर सतेंद्र कुमार सिंह ने फोर्स के साथ बताए ठिकाने पर छापेमारी की। पुलिस ने घेराबंदी कर मेरठ जनपद में किठौर थानाक्षेत्र के राधना निवासी इस्तेकार, रहरा के गंगवार निवासी यामीन और उसके बेटे हसीम को मौके पर गिरफ्तार कर लिया था। उनकी निशानदेही पर बने और अधबने 21 शस्त्र बरामद हुए। इसके अलावा भारी मात्रा में शस्त्र तैयार करने के उपकरण भी मिले हैं। एसपी के मुताबिक आरोपी इस्तेकार एक शातिर किस्म का अपराधी है, जो पूर्व में थाना किठौर और हसनपुर कोतवाली से तीन बार शस्त्र फैक्टरी संचालित करने के आरोप में जेल जा चुका है। इसके खिलाफ अवैध शस्त्र रखने और शस्त्र फैक्टरी संचालित करने के छह से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इस्तेकार अपने साथियों के साथ मिलकर सुनसान जंगल में अवैध शस्त्रों का निर्माण करता है। यह लोग मोटा मुनाफा कमाने के लिए अपने परिचित के लोगों के साथ मिलकर मुरादाबाद, मेरठ, गाजियाबाद, दिल्ली, अमरोहा सहित अन्य कई जनपदों में शस्त्रों की सप्लाई करते है। अवैध शस्त्र बनाने और सप्लाई करने का नेटवर्क कहां-कहां है और कितने लोग इस गिरोह में शामिल हैं। इसका पता लगाया जा रहा है। वहीं, गिरफ्तार आरोपियों को आपराधिक इतिहास जुटाया जा रहा है। शस्त्र फैक्टरी का खुलासा करने वाली टीम में इंस्पैक्टर सतेंद्र कुमार सिंह, एसआई कुलदीप, रामप्रसाद यादव, कांस्टेबल राहुल ढाका, अतुल मलिक और गौरव तोमर शामिल रहे।