गजरौला में राकिमसं की महापंचायत को संबोधित करते वीएम सिंह। संवाद
गजरौला (अमरोहा)। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन की महापंचायत में सरदार वीएम सिंह ने प्रदेश और देश पर काबिज रहीं सरकारों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश का किसान 75 साल से फुटबॉल बना है। उन्होंने कहा कि गन्ना मूल्य का ब्याज दिलाने, भाव बढ़ाने, एमएसपी लागू कराने के लिए सरकारों के आगे गिड़गिड़ाने की बजाय किसानों को खुद अपनी सरकार बनाने के लिए जुटने का समय आ गया है।
रविवार को शिव इंटर कॉलेज के मैदान में आयोजित महापंचायत में वीएम सिंह ने कहा कि प्रदेशभर में करीब 50 लाख गन्ना किसान हैं। ऐसा कोई किसान परिवार नहीं है जिसमें छह या सात वोट से कम हों। उनके वोट की संख्या करीब तीन करोड़ बनती है जो अपने दम पर सरकार बनाने की ताकत रखते हैं। किसानों की अपनी सरकार होगी तो किसी के आगे गिड़गिड़ाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। गन्ने का भाव 500 रुपये प्रति क्विंटल होगा। गन्ने का अरबों रुपये ब्याज दबाए बैठीं चीनी मिलें भुगतान को मजबूर होंगी।
उन्होंने सपा प्रमुख व पूर्व सीएम अखिलेश यादव पर निशाना पर भी साधा। कहा कि जिले में मध्य गंगा नहर के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहण की जा रही थी। अखिलेश यादव 2015 का मुआवजा देने की बजाय बसपा सुप्रीमो मायावती के कार्यकाल का वर्ष 2010 मुआवजा दे रहे थे। उन्होंने आंदोलन किया। इसके बाद निर्णय बदलना पड़ा। उन्होंने कहा कि 2013-14 में जिस अखिलेश यादव की सरकार के खिलाफ भाजपा तंबू लगाकर धरना दे रही थी, उसने भी किसानों को छलने का ही काम किया है।
किसान गन्ना मूल्य बढ़ाने के लिए गिड़गिड़ाते रहे, मगर कोई वृद्धि नहीं की। प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी के जुमलों से किसान का भला नहीं होने वाला। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी को किसानों की चिंता नहीं है। उन्होंने किसानों से अपनी सरकार बनाने का आह्वान किया। संगठन के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष उपेंद्र सिंह, जोरावर सिंह, राजवीर सिंह, जगजीत सिंह, खचेड़ू सिंह आदि ने भी संबोधित किया। अंकित गौसल, जोगेंद्र आर्य, गुड्डू गुर्जर, महाश्य जयचंद सिंह, ओमवीर सिंह आदि मौजूद रहे।