गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे आवारा कुत्ते छोड़ने गए पालिकाकर्मियों को ग्रामीणों ने घेर लिया। हाजीपुरा तरारा के लोगों ने उनको बंध बना लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया। हालांकि मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है।
पालिकाकर्मियों का आरोप है कि उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ भी की गई है। उन्होंने कहा कि उनकी गाड़ी फंस गई थी। इस बीच कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया। हसनपुर पालिकाध्यक्ष राजपाल सैनी के मुताबिक पालिका के कर्मचारी नगर से पकड़े गए आवारा कुत्तों को वन में छोड़ने जा रहे थे।
रात में गंगा एक्सप्रेसवे के सर्विस रोड पर जैसे ही आगे कच्चे रास्ते की तरफ बढ़े तो उनका वाहन फंस गया। इस दौरान हाजीपुर तरारा के ग्रामीणों की भीड़ पहुंच गई। उन्होंने आवारा कुत्तों को गांव में छोड़ने का आरोप लगाते हुए पालिकाकर्मियों को घेरते हुए बंधक बना लिया। इस दौरान जमकर हंगामा किया।
ग्रामीणों ने कहा कि जो कुत्ते गांव के पास छोड़े गए हैं, उन्हें पकड़ा जाए। हंगामे की सूचना पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस के साथ भी ग्रामीणों की नोकझोंक हुई। इसके बाद पुलिस ने पालिका कर्मियों को कब्जे से छुड़ाया। पालिकाध्यक्ष रास्ते में उनका वाहन फंस गया जिसकी वजह ग्रामीणों को गलतफहमी हुई। सीओ दीप कुमार पंत का कहना है फिलहाल कार्रवाई नहीं हुई है।