अमरोहा। भारतीय किसान यूनियन संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश चौधरी ने कहा कि बिजली दरों में वृद्धि व निजीकरण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसान इसका डटकर विरोध करेंगे।
बृहस्पतिवार को भाकियू संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में किसानों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर धरना प्रदर्शन किया। राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एडीएम न्यायिक धीरेंद्र प्रताप को सौंपा। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि जिस तरह बिजली विभाग में घाटा दिखाकर सरकार की मंशा निजीकरण करने की है, तो क्या पुलिस विभाग सरकार को मुनाफा कमाकर देता है। इसी तरह से क्या पीडब्ल्यूडी विभाग समेत अन्य कई विभागों को भी निजी क्षेत्र में सौंप दिया जाएगा।
इसको लेकर जनमत संग्रह कराया जाए। गांव-गांव चौपाल लगाकर लोगों की राय ली जाए। आज भी चीनी मिलों पर करोड़ों रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान बकाया है। उसके ब्याज को कौन खा रहा है। पांच किलो राशन पर निर्भर लाखों परिवार हजार-पांच सौ रुपये बिजली बिल क्या चुका पाएगा। कहा कि पावर कारपोरेशन आदि संस्थानों का निजीकरण संवैधानिक मूल्यों की हत्या है।
राष्ट्रीय सचिव अरुण सिद्धू तथा जिलाध्यक्ष राहुल सिद्धू ने कहा कि आज धरती का रक्षा कवच दरक रहा है।
इसी बीच महंगाई की मार झेल रहे प्रदेश के लोगों को 4.27 फीसदी बिजली महंगी कर सरकार झटका देने की तैयारी कर रही है। 3.45 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं से 300 करोड़ रुपये अतिरिक्त कमाने का नजरिया कहीं से कहीं तक जायज नहीं ठहराया जा सकता। कंपनी सस्ती बिजली खरीदकर महंगी दरों पर बेचकर लोगों की जेबों पर डांका डालेगी। इस दौरान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विजयवीर सिंह, सचिव सीपी सिंह, छोटू भाटी, महकार सिंह, नरेंद्र चौहान, आरिफ चौधरी, चौधरी चरण सिंह, इकबाल सैफी आदि मौजूद रहे।