बिजली विभाग के अफसरों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए किसानों ने गजरौला मार्ग पर जाम लगा दिया। भारतीय किसान यूनियन टिकैत के नेतृत्व में किसान करीब डेढ़ घंटे तक मार्ग पर बैठे रहे। उन्होंने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। अधिकारियों के आश्वासन पर किसानों जाम खोला गया। इस दौरान राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
भाकियू टिकैत के कार्यकर्ताओं ने करीब एक हफ्ते पहले एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपा था, जिसमें बिजली विभाग से संबंधित किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए 27 मई को आयोजित बैठक में मुख्य अभियंता को बुलाने की मांग की थी। उनके नहीं आने पर रोड जाम की चेतावनी भी दी थी। मंगलवार को चीफ इंजीनियर दोपहर दो बजे तक किसानों के बीच नहीं आए। हालांकि, अधिशासी अभियंता नीरज कुमार मौजूद थे।
गुस्साएं किसानों ने ब्लॉक कार्यालय के बाहर गजरौला मार्ग पर जाम लगा दिया। इससे पहले ब्लॉक कार्यालय में बैठे कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष दानवीर सिंह ने कहा कि बिजली विभाग के अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में फुंके ट्रांसफार्मर को नहीं बदला जा रहा है। किसानों पर बिजली चोरी और मीटर में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए उनसे अवैध वसूली की जा रही है। उन्होंने चार जून को गजरौला के भानपुर फाटक महापंचायत की घोषणा की।
फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे किसान
जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में लगातार बिजली कटौती जारी है। किसान खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे है, जिससे उनकी फसलें सूखने के कगार पर है। युवा नेता गुरमीत सिंह ने कहा कि बिजली विभाग के अधिकारी व कर्मचारी किसानों के धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं। सीओ के आश्वासन पर जाम खोल दिया गया। किसानों के बीच चीनी मिल के अधिकारियों ने शीघ्र ही बकाया भुगतान का आश्वासन दिया। इस दौरान सुभाष चीमा, सौवीर सिंह, देशराज सिंह, बोबी चाहल, राजेंद्र सिंह, वचन सिंह, जमील अहमद, फुलवास मौजूद रहे।