थाना क्षेत्र के गांव सीकरखेड़ा में शुक्रवार की देर रात कर्ज में डूबे एक किसान ने खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली। परिजन पुलिस को सूचित किए बिना शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने की तैयारी कर रहे थे। इस बीच सूचना पर पहुंची पुलिस ने पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
बेटे के अनुसार पिता पर काफी कर्ज था, जिससे परेशान होकर उन्होंने आत्मघाती कदम उठाया। वहीं पुलिस का कहना है कि ग्रामीण नशा करता था और नशे में खुद को गोली मार ली। गांव में ग्रामीण की आत्महत्या को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं।
सीकरखेड़ा गांव निवासी तेजराम (55) ने शुक्रवार देर रात लगभग 11 बजे बंदूक को कनपटी से सटाकर गोली मार ली। तेजराम की मौत हो गई। परिजन बिना पुलिस को सूचित बिना शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जा रहे थे। इस बीच किसी ने पुलिस को सूचना दे दी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। बेटे चमनलाल के मुताबिक उनके पिता पर कई लोगोें का लगभग चार लाख रुपया कर्ज था। जिसे वह चुका नहीं पा रहे थे। इसको लेकर काफी परेशान रहते थे। शुक्रवार की देर रात करीब 11 बजे उन्होंने बंदूक को अपनी कनपटी से सटाकर गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
वहीं पुलिस का कहना है कि तेजराम शराब पीने के आदी थे, शुक्रवार रात उन्होंने शराब के नशे में खुद को गोली मार ली। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।