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26 जनवरी को तिरंगा टोपी लगाकर लगाकर दिल्ली की परेड में शामिल होंगे किसान

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गजरौला (अमरोहा)। जब तक भारत सरकार किसान कृषि बिल वापस नहीं लेगी, तब तक किसान घर लौटने वाले नहीं हैं। इतना ही नहीं इस बार गणतंत्र दिवस पर 26 जनवरी को किसान अपने ट्रैक्टरों पर तिरंगे झंडे और सिरों पर तिरंगी टोपी लगाकर दिल्ली में होने वाली परेड में शामिल होंगे। देखेंगे कि क्या सरकार तिरंगी टोपी पर भी लाठी चार्ज कराएगी?
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शुक्रवार की शाम चौपला पर सरदार अर्जुन सिंह के आवास पर पत्रकारों से बातचीत में भाकियू (टिकैत) के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने एमएसपी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र की सरकार पर जमकर निशाने साधे। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि सरकार इन बिलों से किसानों का फायदा होने का राग अलाप रही है। उन्हें सरकार के उन गणितज्ञों (मास्टरों) की तलाश है जो कि किसानों के फायदे के गणित गिना रहे हैं। बिल वापसी नहीं तो घर वापसी नहीं का नारा देते हुए उन्होंने कहा कि किसान दिल्ली जाएंगे ही। वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन चला रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर एक क्लिक में किसानों के खातों में करोड़ों रुपये डालने पर चुटकी लेते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार को चाहिए कि किसानों को भी अपनी डिजिटल कैंपेन से जोड़ें और गन्ना मिलों को आदेशित करें कि एक क्लिक करते ही गन्ने की रकम किसानों के खातों में आ जाए। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कृषि बिलों से केवल किसान ही नहीं बल्कि छोटे दुकानदार और उद्यमी भी खत्म हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों को गोली लाठी दी हुई है और किसान सरकार का पीछा छोड़ने वाले नहीं हैं। इस मौके पर दानवीर सिंह पिंटू, सरदार जयशरण सिंह, गुरमीत सिंह, गुरविंदर सिंह, दीपक चौधरी, सुभाष सिंह, विजेंद्र शर्मा आदि भी रहे।
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