मध्य गंगा नहर में 10 बीघा जमीन चली जाने पर उचित मुआवजा नहीं मिलने से तनाव में आए किसान ने जहर खाकर जान दे दी। परिजनों का कहना है कि भूमि का रेट बाजार मूल्य के हिसाब से नहीं मिलने की वजह से वह परेशान थे। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बगैर शव का अंतिम संस्कार कर दिया है।
देहरा चक गांव निवासी शीशराम सिंह (64) ने बुधवार रात घर में रखे जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। तबियत बिगड़ने पर परिजनों ने उनको निजी अस्पताल में दिखाया। चिकित्सक ने उनको मृत घोषित कर दिया। किसान शीशराम के पास उनके हिस्से की लगभग 10 बीघा भूमि थी। वह भूमि गांव से होकर गुजर रही मध्य गंगा नहर के निर्माण में चली गई थी। किसान के भतीजे और राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के मंडल अध्यक्ष जोगेंद्र सिंह ने बताया कि शीशराम सिंह अपने हिस्से की भूमि मध्य गंगा नहर में चले जाने व उचित मुआवजा नहीं मिलने की वजह से मानसिक अवसाद में थे और आए दिन मरने की बात करते थे। फिलहाल परिजनों ने बगैर पोस्टमार्टम कराए शव का अंतिम संस्कार कर दिया है।